जयपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रबंध समिति आदर्श विद्या मंदिर की ओर से आदर्श नगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. हेमंत सेठिया और समिति सचिव संजीव भार्गव ने मां सरस्वती एवं भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
डॉ. हेमंत सेठिया ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। शिक्षा विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण का माध्यम है। आदर्श विद्या मंदिर की स्थापना का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है, जो चरित्रवान, राष्ट्रभक्त और भारतीय जीवन पद्धति के प्रति गौरव का भाव रखने वाले हों।
उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था तेजी से भौतिकतावादी होती जा रही है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में मनुष्यत्व और आध्यात्मिक चेतना का जागरण होना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका विद्यार्थी को विकसित मानव बनाने की है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कारों का सिंचन भी करें।
डॉ. सेठिया ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से विद्यार्थी त्वरित और सूचनात्मक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन जीवन-मूल्य और संस्कार शिक्षक ही दे सकता है। शिक्षक की प्रेरणादायी बातें विद्यार्थी जीवनभर याद रखता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में नशे की प्रवृत्ति पर नजर रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने का भी आह्वान किया।



















