जयपुर। विश्व जागृति मिशन (विजामि) के जयपुर मंडल की ओर से बीस दुकान आदर्श नगर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा पर्व को माता-पिता तथा वरिष्ठ एवं विशिष्ट जन सम्मान दिवस के रूप में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और पदाधिकारियों ने दादा-दादी, नाना-नानी सहित वरिष्ठजनों का सम्मान किया। बुजुर्गों की आरती उतारकर उन्हें दुपट्टा ओढ़ाया गया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया गया।
जयपुर मंडल के प्रधान मदनलाल अग्रवाल ने बताया कि विश्व जागृति मिशन के संस्थापक और आध्यात्मिक संत धर्माचार्य सुधांशु जी महाराज ने वर्ष 1997 में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की थी। इसके बाद से प्रतिवर्ष मिशन के सभी मंडलों और शाखाओं में श्रद्धा पर्व मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और संस्कार की भावना से जोड़ना है।
इस श्रद्धा पर्व के अवसर पर आचार्य मोहन लाल शास्त्री और आचार्य विष्णु कुमार शर्मा के सानिध्य में हवन किया गया। यज्ञ में महामृत्युंजय मंत्र और अष्ट चिरंजीवी मंत्र सहित विभिन्न मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। बुजुर्गों के आरोग्य, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की गई।
यज्ञ और सम्मान कार्यक्रम में उपाध्यक्ष हेमराज भार्गव एवं द्वारका प्रसाद मुटरेजा, महासचिव दिनेश चंद्र गुप्ता, सचिव दिलीप हीरारमानी, संयुक्त सचिव दिनेश सैनी एवं जगदीश राजावत, कोषाध्यक्ष बीके गुप्ता, सांस्कृतिक एवं समन्वय मंत्री गोपाल कृष्ण बजाज, मदन लाल शर्मा और सुरेश शर्मा सहित महिला मंडल की पदाधिकारी कांता भल्ला, अल्का अरोड़ा, आशा रायसिंघानी, बेला माथुर, पुष्पा खेमानी और पुष्पा भाटिया सहित श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं।
कार्यक्रम में विजामि प्रमुख धर्माचार्य सुधांशु जी महाराज के विशेष संदेश का डिजिटल प्रसारण किया गया। उनकी प्रेरणा से जयपुर मंडल के बाल संस्कार केंद्र की संचालक डॉ. मधु शर्मा और मंजू बजाज के निर्देशन में बालक-बालिकाओं ने बुजुर्गों के सम्मान और देश, परिवार व समाज की प्रगति में उनके योगदान पर आधारित निबंध, स्लोगन, कविताएं और लघु नाटिका प्रस्तुत की।
इस कार्यक्रम के अंत में भंडारा-प्रसादी का आयोजन किया गया। आयोजन में श्रद्धालुओं ने बुजुर्गों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके अनुभवों एवं संस्कारों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।



















