जयपुर। भारतीय कबड्डी को पेशेवर मंच देने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में कबड्डी चैंपियंस लीग (केसीएल) अहम भूमिका निभा रही है। एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम में लीग से जुड़े सात खिलाड़ियों की मौजूदगी और कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में खिलाड़ियों की भागीदारी इसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी कोच अनूप कुमार ने इसे भारतीय कबड्डी के मजबूत होते इकोसिस्टम का सकारात्मक संकेत बताया।
अनूप कुमार के अनुसार घरेलू स्तर पर बेहतर प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलने से खिलाड़ियों को अनुभव हासिल करने तथा बड़े मुकाबलों के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। पेशेवर लीग उभरते खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का मंच उपलब्ध कराती हैं, जिसका लाभ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी दिखाई देता है।
केसीएल इकोसिस्टम से जुड़े सात खिलाड़ी जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भारत की स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी टीम का हिस्सा रहे। वहीं, लीग से जुड़े सात खिलाड़ी कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भी भाग ले रहे हैं। यह भागीदारी घरेलू प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल के बीच मजबूत संबंध की अहमियत को रेखांकित करती है।
इधर एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम को कोचिंग दे चुके अनूप कुमार को केसीएल के दूसरे सीजन के लिए कुरुक्षेत्र नाइट्स का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 17 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई लीग की नीलामी के बाद हुई। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान के रूप में उनका अनुभव, रणनीतिक समझ और नेतृत्व क्षमता टीम की तैयारियों को मजबूती दे सकती है।
केसीएल का उद्देश्य अनुभवी और उभरते खिलाड़ियों को पेशेवर मंच उपलब्ध कराना, प्रतिस्पर्धा के अवसर बढ़ाना और घरेलू फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं तथा अंतरराष्ट्रीय कबड्डी के बीच मजबूत रास्ता तैयार करना है। लीग के दूसरे सीजन के साथ खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने, नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और भारतीय कबड्डी को अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

















