जयपुर। ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक (1 से 7 नवंबर) के भव्य आगाज़ के तहत रविवार तड़के गुलाबी नगरी की सड़कों पर पर्यावरण संरक्षण और सेहत का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। प्रदूषण नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली की अलख जगाने के मकसद से आयोजित ‘साइक्लोथॉन फॉर ऑल’ में शहर के 300 से अधिक नागरिकों ने अपनी साइकिलों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। झालाना डूंगरी से शुरू हुए इस आयोजन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर साइकिल चलाई और पर्यावरण की रक्षा का सामाजिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तड़के सवा 6 बजे झालाना डूंगरी स्थिति राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय से हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रातः सवा 6 बजे साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य सचिव ने न केवल रैली का शुभारंभ किया, बल्कि स्वयं साइकिल चलाकर आमजन को स्वस्थ रहने का प्रत्यक्ष संदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण महज सरकार या तंत्र की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह देश के हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है। नियमित साइकिल चलाने से जहां एक ओर शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है, वहीं दूसरी ओर कार्बन उत्सर्जन में भी प्रभावी कमी आती है।
साइक्लोथॉन के दौरान प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रतिभागियों ने अपनी साइकिलों पर ‘ग्रीन राजस्थान-क्लीन राजस्थान’ और ‘पर्यावरण बचाओ-जीवन सजाओ’ जैसे प्रेरक स्लोगन व पोस्टर लगा रखे थे।
आयोजन समिति के सदस्य डॉ. सुनील छिम्पा, डॉ. राम भजन कुमावत और डॉ. रितु जैन ने बताया कि हर वर्ग और हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी ने इस साइक्लोथॉन को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर बात करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रकृति को बचाने के लिए अब सख्त और जमीनी कदम उठाने का समय आ गया है। उन्होंने सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूर्ण रोक लगाने, वृक्षारोपण व वनों की सुरक्षा करने और दैनिक जीवन में ईंधन की खपत घटाने का आह्वान किया।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल ने बताया कि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आम जनमानस को जागरूक करना भी बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
झालाना डूंगरी से शुरू हुई यह साइक्लोथॉन शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों से गुजरती हुई वापस प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय पहुंची।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण जागरूकता के लिए प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही, उपस्थित सभी लोगों को एकल उपयोग प्लास्टिक का बहिष्कार करने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और अपनी जीवनशैली में सतत बदलाव लाने की शपथ दिलाई गई।

















