जयपुर में जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार

0
29
Alleged female Jaish-e-Mohammed sleeper cell member arrested in Jaipur.
Alleged female Jaish-e-Mohammed sleeper cell member arrested in Jaipur.

जयपुर। राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने राजधानी जयपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से कथित रूप से जुड़ी एक महिला को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में एटीएस ने बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा (37) को जयपुर के वाटिका क्षेत्र से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर क्षेत्र की रहने वाली महिला वर्तमान में जयपुर में अपने सेवानिवृत्त पिता के साथ रह रही थी।

एटीएस के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि महिला पिछले कई महीनों से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संदिग्ध हैंडलरों और कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में थी। एजेंसियों को आशंका है कि महिला को कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए प्रभावित कर आतंकी संगठन के लिए तैयार किया जा रहा था।

सोशल मीडिया के जरिए बढ़े संपर्क

जांच में महिला के मोबाइल फोन से दो सिम कार्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और कई विदेशी संपर्कों के प्रमाण मिले हैं। एटीएस के अनुसार महिला के व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान सहित विदेशी नंबरों से बातचीत के संकेत मिले हैं। उसकी फ्रेंड लिस्ट में ऐसे कई प्रोफाइल पाए गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और अन्य उग्रवादी संगठनों से संबंधित सामग्री, झंडे और हथियारबंद आतंकियों की तस्वीरें मौजूद थीं।

एजेंसियों के मुताबिक महिला ने ऑनलाइन कलमा पढ़कर धर्म परिवर्तन किया था और उसने अपना नाम ‘खदीजा’ रख लिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित एक मौलवी के संपर्क में आने के बाद उसे पाकिस्तान बुलाने और कथित तौर पर विवाह कराने की योजना बनाई जा रही थी। महिला को नमाज, कुरान और अन्य धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास भी किया गया।

पाकिस्तान भेजने की साजिश की आशंका

एटीएस को शक है कि महिला को नेपाल, सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी। महिला के मोबाइल से पाकिस्तान को कुछ दस्तावेज और अन्य जानकारियां भेजे जाने के संकेत भी मिले हैं। हालांकि उसने मोबाइल का काफी डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से रिकवर किया जा रहा है।

एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पिछले छह-सात महीनों से महिला का धर्म परिवर्तन कराने और उसके माध्यम से भारत में गतिविधियां संचालित करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि सभी तथ्यों की डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि की जा रही है।

बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की जांच

सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला केवल ऑनलाइन संपर्कों तक सीमित थी या किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा भी थी। सूत्रों के अनुसार महिला का संपर्क जैश-ए-मोहम्मद के कथित प्रवक्ता एवं कमांडर कारी जरार सहित कुछ ऐसे लोगों से जुड़ा पाया गया है, जिनके संबंध पूर्व आतंकी घटनाओं से रहे हैं। जांच एजेंसियां उसके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।

महिला को अदालत में पेश करने के बाद 27 जून तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एटीएस, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसके डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग गतिविधियों, विदेशी संपर्कों और नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।

पहले भी जयपुर का उपयोग कर चुके हैं आतंकी

उल्लेखनीय है कि इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ भी फर्जी पहचान के साथ जयपुर में रह चुका है। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाह और पासपोर्ट बनवाया था तथा बाद में देश छोड़कर फरार हो गया। जांच एजेंसियों को उसके सऊदी अरब में छिपे होने की आशंका है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कट्टरपंथी नेटवर्क युवाओं और महिलाओं को प्रभावित करने के प्रयास लगातार कर रहे हैं। ऐसे में जयपुर में हुई यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल मामले में विस्तृत जांच जारी है और एजेंसियां कई अहम पहलुओं पर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here