जयपुर। प्रथम ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी बुधवार को अपरा एकादशी के रूप में भक्तिभाव से मनाई गई। श्री गोविन्द धाम स्थित ठिकाना मंदिर श्री गोविन्द देवजी महाराज मंदिर में एकादशी पर सातों झांकियों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंगला झांकी के दौरान मंदिर परिसर में पैर रखने की भी जगह नहीं थी। श्री मन्माध्व गौड़ेश्वराचार्य महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में मंगला झांकी के बाद ठाकुर श्रीजी का वेद मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद ठाकुर श्रीजी को लाल रंग की आकर्षक नटवर वेश पोशाक धारण कराई गई।
साथ ही फूलों से निर्मित अलंकार, नटवर मुकुट एवं छड़ी से विशेष श्रृंगार किया गया। राजभोग झांकी में 11:15 बजे से 11: 45 बजे तक ठाकुर श्रीजी की मनोहारी जलयात्रा झांकी के दर्शन हुए। झांकी में ठाकुर श्रीजी एवं राधारानी जी के करकमलों में स्वर्ण पिचकारी सुशोभित की गई। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए ठाकुर श्रीजी को शीतलता प्रदान करने के लिए खरबूजा, तरबूजा सहित विभिन्न ऋतु फलों एवं सिकरन पूड़ी का विशेष भोग अर्पित किया गया। जलयात्रा उत्सव श्रृंखला के अंतर्गत आगामी दर्शन अमावस्या, 16 मई को सुबह 11:15 बजे से 11: 45 बजे तक होंगे।
श्रद्धालुओं ने रखा व्रत:
अपरा एकादशी पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा। छोटी काशी के प्राय: सभी वैष्णव मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई गई। दान-पुण्य पर जोर रहा। उल्लेखनीय है कि अधिकमास के कारण इस बार श्रद्धालुओं को एक ही मास में चार एकादशी व्रत रखने और दान-पुण्य करने का अवसर मिलेगा। अपरा एकादशी के बाद पद्मिनी एकादशी, परमा एकादशी और निर्जला एकादशी व्रतों का धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व बताया गया है।
यहां भी हुए आयोजन:
पुरानी बस्ती स्थित श्री गोपीनाथ जी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में एकादशी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। चौड़ा रास्ता स्थित श्री राधा दामोदर जी मंदिर में प्रात: अभिषेक के बाद पुष्पों से श्रृंगार किया गया। रामगंज बाजार स्थित मंदिर श्री लाडली जी में अपरा एकादशी पर ललित सम्प्रदायाचार्य महंत संजय गोस्वामी के सानिध्य में ठाकुरजी की मनोहारी झांकी सजाई गई। ठाकुरजी को केसर, पिस्ता एवं बादाम युक्त मक्खन, मेवा, आमरस, रबड़ी, श्रीखंड, मिश्री मावा, फालसे का शरबत, ठंडाई तथा विभिन्न फलों सहित विशेष व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। आयोजन के दौरान समाज पद गायन भी हुआ।



















