जयपुर। अशोक नगर थाना क्षेत्र स्थित सेन्ट्रल पार्क से मर्सिडीज सवार चार्टर्ड अकाउंटेंट का अपहरण करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात में शामिल मुख्य और फरार चल रहे आरोपी वीर प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पुलिस की ओर से 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
ये था मामला
10 सितंबर की सुबह राजीव गुप्ता सेन्ट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक के लिए आए थे। इसी दौरान दो बदमाशों ने चाकू और नकली पिस्टल की नोक पर उन्हीं की मर्सिडीज कार में उनका अपहरण कर लिया। आरोपी उन्हें फिरौती की नीयत से शहर से बाहर किसी सुनसान जगह ले जा रहे थे। तभी चलती कार में जब पीड़ित राजीव गुप्ता ने बदमाशों के चंगुल से छूटने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनसे मारपीट की और उनकी आंख-मुंह बांधने का प्रयास किया।
अपनी जान बचाने के लिए पीड़ित ने चलती कार का स्टीयरिंग घुमा दिया, जिससे अनियंत्रित होकर मर्सिडीज सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के बाद आसपास के लोगों को आता देख दोनों बदमाश पास के जंगलों और पहाड़ियों की तरफ भाग निकले। भागने के दौरान बदमाशों ने एक बाइक सवार को भी टक्कर मारी थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सेन्ट्रल पार्क, दिल्ली रोड, आमेर, ब्रह्मपुरी, ट्रांसपोर्ट नगर और आगरा रोड सहित दर्जनों इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 18 सितंबर को वारदात के मास्टरमाइंड चेतन शर्मा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
हरिद्वार और जम्मू-कश्मीर में छिपा था फरार आरोपी
मामले में शामिल आरोपी वीर प्रताप सिंह (22), निवासी आगरा (उत्तर प्रदेश), घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह जम्मू-कश्मीर, हरिद्वार और आगरा में ठिकाने बदल-बदल कर छिपा रहा। 25 सितंबर को आरोपी के आगरा रोड जामडोली, स्थित पुरानी चुंगी आने की सटीक सूचना मिलते ही अशोक नगर थाना पुलिस और डीएसटी दक्षिण की टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।


















