जयपुर। सिंध प्रांत के महान संत, युगपुरुष कर्मयोगी आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम महाराज का पावन ‘चालीहा महोत्सव’ श्री अमरापुर स्थान में भक्ति, उल्लास और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को विशेष हवन-यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला।
महोत्सव के तहत चल रहे 40 दिवसीय हवन-यज्ञ के अंतर्गत बुधवार को संत-महात्माओं, ब्राह्मण पंडितों और विशेष रूप से 40 दंपतियों को एक साथ बैठाकर अनुष्ठान संपन्न कराया गया। ठीक 40 मिनट तक चले इस यज्ञ में पंडित विजेंद्र शर्मा और वेदाचार्य जितेंद्र दाधीच के सान्निध्य में गीता जी के श्लोकों तथा सभी देवी-देवताओं के मंत्रों के साथ-साथ और सद्गुरु टेऊँराम श्लोक-अष्टक के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी गईं।
गौ-घृत, गौ-काष्ठ और जड़ी-बूटियों से वातावरण की शुद्धि
पूज्य स्वामी मोहन लाल महाराज एवं स्वामी मनोहर लाल महाराज ने बताया कि इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ पर्यावरण की शुद्धता और गौ-सेवा को बढ़ावा देना है। यज्ञ में औषधीय गुणों से भरपूर सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इसमें साधारण समिधा की जगह गौ-घृत ,गौ-काष्ठ और विशेष आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से मिश्रित सामग्री की आहुतियां दी जा रही हैं। जो पूरे क्षेत्र के वातावरण को शुद्ध और पवित्र बना रही हैं।
11 जून एकादशी: गौ माता को खिलाए जाएंगे ठंडे फल
स्वामी मोहन लाल महाराज ने बताया कि यह चालीहा महोत्सव केवल तप-साधना ही नहीं, बल्कि सेवा का भी उत्सव है। इसी क्रम में गुरुवार को अपरा एकादशी के पावन अवसर पर मांगायावास स्थित ‘सद्गुरु टेऊँराम गौशाला’ में सुबह साढ़े 9 बजे भव्य भजन संकीर्तन और गौ-सेवा कार्यक्रम होगा। पुरुषोत्तम अधिकमास में भीषण गर्मी को देखते हुए गौ माता को ठंडक पहुंचाने के लिए तरबूज, खरबूजे और आम जैसे ठंडे तासीर वाले फल खिलाए जाएंगे।
आगामी दिनों में सेवा के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए कुष्ठ आश्रम में भोजन सेवा, अनाथालयों और अस्पतालों में बिस्कुट, वेफर्स, फल, जूस पैकेट व अल्पाहार का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही श्री अमरापुर जल मंदिर अन्न प्रसादम के माध्यम से आमजन के लिए छाछ, शर्बत, लस्सी और मिल्क रोज़ की निःशुल्क वितरण सेवा चलाई जाएगी।
यह रहेगा दैनिक कार्यक्रम और मंदिर का समय
चालीहा महोत्सव के दौरान मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। जिसमें प्रात 6 से 6 बजकर 40 मिनट पर 40 दिवसीय पावन हवन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। सुबह 7 से साढ़े 8 बजे प्रार्थना सत्संग, पुरुषोत्तम मास की कथा, सद्गुरु टेऊँराम रचित आध्यात्मिक वाणी का पाठ, सोलह शिक्षाएं और धुनी दर्शन का आयोजन होगा।
दोनों समय चालीहा पाठ, भव्य आरती और सतनाम साक्षी महामंत्र का जाप किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट सुबह 5 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर बाद 3 से रात्रि 9 बजे तक खुले रहेंगे।



















