जयपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन के तहत गुरूवार को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन हुए। जयपुर में शहर कांग्रेस की ओर से कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी और वामदलों के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश प्रभारी पुखराज पाराशर, पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, विधायक रफीक खान सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। करीब डेढ़ घंटे तक केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट के आसपास यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बन गई।

10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का आह्वान
प्रदर्शन के बाद डोटासरा और जूली ने कार्यकर्ताओं से 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच करने का आह्वान किया। डोटासरा ने कहा कि दिल्ली में आंदोलन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है। राहुल गांधी केवल कथित वोट चोरी की जांच और दोषियों को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा और सड़कों पर घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेगी। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी और उन्हें देश से बाहर किया, ऐसे में मोदी-शाह क्या चीज हैं।
उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन होगा। डोटासरा ने दावा किया कि राजस्थान से करीब 50 हजार कार्यकर्ता दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन इतना बड़ा होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा तक देना पड़ सकता है।
‘क्या चुनाव आयुक्त विदेशी हैं?’
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की जा रही है तथा उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है। उन्होंने सवाल किया, “क्या चुनाव आयुक्त विदेशी हैं, जो उनसे नहीं मिल सकते?” जूली ने कहा कि देश का आम जनप्रतिनिधि और आम नागरिक भी चुनाव आयोग जाकर मिल सकता है।

जूली ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार गुंडागर्दी कर रही है और विरोध करने वालों के चारों तरफ पुलिस का पहरा लगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान ने लोगों को विरोध करने का अधिकार दिया है। जब सरकार लोगों की बात नहीं सुनती तो जनता को मजबूती से सड़कों पर उतरना पड़ता है।
‘राहुल गांधी से बात करें चुनाव आयुक्त’
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि उन्होंने पहले कभी नहीं देखा कि देश के नेता प्रतिपक्ष को सड़कों पर घसीटा जा रहा हो और उनके साथ धक्का-मुक्की की जा रही हो। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
खाचरियावास ने कहा कि सरकार किसी की बात नहीं सुन रही है, ऐसे में देश कैसे चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भी किसी को खड़ा नहीं होने दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई मंत्री राहुल गांधी से जाकर बात करे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी राहुल गांधी से बात करनी चाहिए और नेता प्रतिपक्ष को विश्वास में लिया जाना चाहिए।



















