आलीशान होटलों में फरारी काट रहा डॉक्टर भूमाफिया पुलिस के हत्थे चढा

0
35
Doctor-turned-land-mafia figure, who had been living a lavish life in luxury hotels, arrested.

जयपुर। राजधानी में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की जमीनों पर नजर रखने वाले एक शातिर भूमाफिया को झोटवाड़ा थाना पुलिस ने जयपुर पश्चिम जिला जिला स्पेशल (डीएसटी) टीम के सहयोग से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपित की छह महीने तक लगातार तकनीकी निगरानी,रेकी और पीछा करने के बाद राजेश पुरोहित (54) निवासी जोधपुर को जयपुर के एक होटल से दबोचा। जहां वह पहचान छिपाकर फरारी काट रहा था। आरोपित खुद को बिना किसी वैध डिग्री के “डॉक्टर” लिखता था और दिव्यांगता का सहारा लेकर लोगों का विश्वास जीतता था।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपित जयपुर की विभिन्न आवासीय योजनाओं में ऐसे खाली प्लॉट तलाशता था, जिनकी नियमित देखरेख नहीं हो रही थी। इसके बाद वह जेडीए और नगर निगम की वेबसाइटों से संबंधित भूखंडों के वास्तविक मालिकों का विवरण प्राप्त करता और उसी आधार पर गृह निर्माण सहकारी समितियों के फर्जी आवंटन पत्र, नकली साइट प्लान, जाली रसीदें और फर्जी रजिस्ट्रियां तैयार करता था। इन दस्तावेजों को असली बताकर वह खरीदारों से विक्रय इकरारनामा करता और एडवांस राशि अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेता। बाद में रकम नकद निकालकर ठिकाने लगा देता था।

डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपी शरीर से दिव्यांग है और इसी का फायदा उठाकर लोगों का विश्वास जीतता था, ताकि उस पर किसी को संदेह न हो। समाज में प्रभावशाली छवि बनाने के लिए वह बिना किसी मेडिकल डिग्री के अपने नाम के आगे “डॉक्टर” लिखता था। ठगी से अर्जित रकम से वह महंगे होटलों और आलीशान स्थानों पर रहकर ऐशो-आराम की जिंदगी बिता रहा था। पुलिस ने उसे 28 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

थानाधिकारी राजेंद्र सिंह के अनुसार आरोपित राजेश के खिलाफ जोधपुर, नागौर और जयपुर में ठगी, जालसाजी, नकली दवाओं के कारोबार और अन्य गंभीर अपराधों के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह जोधपुर के खांडा फलसा थाने के दो स्थायी वारंटों में भी लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपित राजेश पुरोहित के विरुद्ध वर्ष 2003 से लगातार विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

इनमें जोधपुर के खांडा फलसा थाने में वर्ष 2003 में धोखाधड़ी एवं जालसाजी, वर्ष 2012 में नकली दवाओं के कारोबार और धोखाधड़ी, सरदारपुरा थाने में वर्ष 2006 का अमानत में खयानत व धोखाधड़ी का मामला, नागौर के पादू कलां थाने में वर्ष 2020 का चोरी का मामला, जयपुर के मुरलीपुरा थाने में वर्ष 2026 का धोखाधड़ी का मामला तथा झोटवाड़ा थाने में 31 लाख रुपए की ठगी का वर्तमान प्रकरण दर्ज है। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ खांडा फलसा थाने के दो स्थायी वारंट भी लंबित हैं।

थानाधिकारी राजेंद्र सिंह के अनुसार झोटवाड़ा थाना क्षेत्र में 20 फरवरी 2026 को परिवादी आशीष सिंघला और संजय जैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार राजेश पुरोहित और उसके साथियों ने मुरलीपुरा क्षेत्र में एक खाली भूखंड दिखाकर उसके फर्जी दस्तावेज तैयार किए तथा विक्रय इकरारनामे के नाम पर 31 लाख रुपए एडवांस के रूप में हड़प लिए।

इस पर झोटवाड़ा थाने में मुकदमा संख्या 126/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंक खातों के लेनदेन तथा तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जिसके आधार पर उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

वहीं आरोपी को गिरफ्तार करने वाली विशेष टीम में उप निरीक्षक सुभाष चंद्र, हेड कांस्टेबल बलराम, हेड कांस्टेबल मालीराम, कांस्टेबल गजानंद, कांस्टेबल अमित कुमार तथा तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल रहे। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर उसे जयपुर के होटल से गिरफ्तार किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here