वरिष्ठ अध्यापक भर्ती धांधली मामला:दो साल से फरार दस हजार का इनामी डमी परीक्षार्थी गिरफ्तार

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Dummy Candidate—Absconding for Two Years and Carrying a ₹10,000 Reward—Arrested
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जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 में हुई धांधली के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए दो वर्षों से फरार चल रहे दस हजार के इनामी डमी परीक्षार्थी नरेश कुमार निवासी करडा जिला नागौर को गिरफ्तार किया है। आरोपित मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने के आरोप में वांछित था। न्यायालय ने उसे 9 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि आरपीएससी द्वारा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा के तहत 24 दिसंबर 2022 को सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान तथा विज्ञान विषय की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। सामान्य ज्ञान का प्रश्न पत्र लीक होने के कारण यह परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। जिसे बाद में 29 जनवरी 2023 को पुनः आयोजित किया गया।

एसओजी की जांच में सामने आया कि जालौर जिले के चितलवाना थाना क्षेत्र के परावा निवासी मूल अभ्यर्थी गोपाल सिंह ने स्वयं परीक्षा देने के बजाय अपनी जगह दो अलग-अलग डमी परीक्षार्थियों को बैठाया था। एसओजी की जांच के अनुसार नरेश कुमार ने 29 जनवरी 2023 को जालौर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बागोड़ा परीक्षा केंद्र पर गोपाल सिंह के स्थान पर सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षा दी थी। इसके बदले दोनों के बीच पांच लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।

वहीं विज्ञान विषय की परीक्षा में गोपाल सिंह की जगह परीक्षा देने वाले दूसरे डमी परीक्षार्थी विष्णु प्रकाश,जो एमबीबीएस का छात्र है को एसओजी पहले ही 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार कर चुकी है।

जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के जरिए गोपाल सिंह परीक्षा में सफल हो गया था और उसका चयन वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) विज्ञान विषय के पद पर भी हो गया था। हालांकि आरपीएससी को मिली शिकायत के बाद उसकी नियुक्ति रोक दी गई। मामले की जांच एसओजी को सौंपे जाने के बाद मुख्य आरोपी एवं मूल अभ्यर्थी गोपाल सिंह को 29 दिसंबर 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुसंधान अधिकारी प्रकाश कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी नरेश कुमार को एसओजी थाने में दर्ज प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि आरोपी पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था और उस पर दस हजार का इनाम घोषित था। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से 9 जून तक पुलिस रिमांड मंजूर किया गया है। एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर परीक्षा धांधली से जुड़े नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य संदिग्धों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

एसओजी के अनुसार भर्ती परीक्षा धांधली से जुड़े इस प्रकरण में अब तक कई महत्वपूर्ण खुलासे हो चुके हैं और गिरोह के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।

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