फर्जी सर्टिफिकेट मामला: कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने वाला फर्जी डॉक्टर दिल्ली से गिरफ्तार

0
30
Fake doctor who obtained MBBS degree from Kazakhstan arrested in Delhi.
Fake doctor who obtained MBBS degree from Kazakhstan arrested in Delhi.

जयपुर। विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर लौटे छात्रों को फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट के जरिए राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में पंजीकरण दिलाने के बहुचर्चित फर्जीवाड़े में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने एक और कार्रवाई करते हुए कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने वाले एक फर्जी डॉक्टर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

आरोपी ने भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए अनिवार्य एफएमजीई परीक्षा पास किए बिना ही 10 लाख रुपए में फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया और उसके आधार पर राजकीय मेडिकल कॉलेज, करौली में इंटर्नशिप भी पूरी कर ली।

एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नितिन कुमार (27) निवासी शाहदरा (दिल्ली) ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की थी। भारत लौटने के बाद उसने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) द्वारा आयोजित एफएमजीई स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार दी। लेकिन हर बार असफल रहा। इसके बाद उसने फर्जीवाड़े का रास्ता अपनाया।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने दौसा निवासी बिचौलिए शुभम गुर्जर के माध्यम से 10 लाख रुपए देकर फर्जी एफएमजीई पासिंग सर्टिफिकेट तैयार कराया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज, करौली में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया और इंटर्नशिप भी पूरी कर ली। एसओजी की विशेष टीम ने तकनीकी एवं गोपनीय जांच के बाद आरोपी को 24 जुलाई 2026 को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

एसओजी के पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लांबा, पुलिस उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव तथा पुलिस अधीक्षक कुंदन कांवरिया के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी डीएसपी जितेंद्र नावरिया द्वारा की जा रही जांच में इस फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। जांच के दौरान विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर आए 100 से अधिक ऐसे संदिग्ध डॉक्टरों की पहचान की गई है, जिन्होंने कथित रूप से कूटरचित एफएमजीई प्रमाण-पत्रों के आधार पर पंजीकरण और इंटर्नशिप हासिल की।

इस मामले में एसओजी अब तक कुल 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन, गिरोह का मुख्य सरगना भाना राम माली, बिचौलिये शुभम गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर के अलावा 24 फर्जी स्नातक डॉक्टर भी शामिल हैं।


जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी भाना राम माली अपने सहयोगियों शुभम गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर के साथ मिलकर विदेश से एमबीबीएस कर लौटे, लेकिन एफएमजीई परीक्षा में असफल रहे छात्रों से प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपए तक वसूलता था। इसके बदले फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट तैयार कराए जाते थे और राजस्थान मेडिकल काउंसिल के भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप तथा प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन कराया जाता था।

एसओजी फिलहाल गिरफ्तार आरोपी नितिन कुमार से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस फर्जी नेटवर्क से जुड़े कई अन्य डॉक्टरों, बिचौलियों और सहयोगियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। जांच के दायरे में आने वाले अन्य संदिग्धों पर भी जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here