जयपुर। शहर को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए नगर निगम ने शनिवार को ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान शुरू किया। इसके तहत शहर के सभी 13 जोन में 617 दीवारों को रंगों और कलात्मक चित्रों से सजाने का लक्ष्य रखा गया है। महापौर सुनील कोठारी और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने त्रिमूर्ति सर्किल स्थित मूक-बधिर विद्यालय में बच्चों के साथ दीवारों पर रंग भरकर अभियान का शुभारंभ किया। इसमें विद्यार्थी, कॉलेज छात्राएं, स्वयंसेवी संस्थाएं, स्वयं सहायता समूह, पुलिस और सेना के जवान सहित शहरवासी शामिल हुए।
अभियान की शुरुआत त्रिमूर्ति सर्किल स्थित मूक-बधिर विद्यालय से हुई। महापौर और आयुक्त ने बच्चों के साथ पेंटिंग की। इस दौरान बच्चों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से आपसी तालमेल दिखाते हुए नृत्य भी किया।
महारानी कॉलेज की छात्राओं और संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रही युवतियों ने भी अभियान में भाग लिया। छात्राओं ने जयपुरी गेरुआ रंग और राजस्थान की पारंपरिक मांडणा कला के जरिए दीवारों को सजाने की पहल की। उनका कहना था कि दीवारों पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोककला को प्रदर्शित कर सार्वजनिक स्थलों को नया रूप दिया जाएगा।
पानीपेच चौराहे पर पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के पास पुलिस और सेना के जवानों ने दीवारों पर पेंटिंग की। वहीं, तिलक नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने रंगाई-पुताई में भागीदारी निभाई। नगर निगम के सभी जोन में निर्धारित स्थानों पर भी वॉल पेंटिंग की गई।
नगर निगम ने अभियान के तहत हवामहल-आमेर में 47, सिविल लाइंस में 50, किशनपोल में 60, आदर्श नगर में 45, मालवीय नगर में 50, जगतपुरा में 45, झालाना में 45, झोटवाड़ा में 45, वैशाली नगर में 45, मानसरोवर में 35, सांगानेर में 50, मुरलीपुरा में 50 और विद्याधर नगर में 50 दीवारों को रंगने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस तरह कुल 617 दीवारों को सजाया जाएगा।
नगर निगम ने इससे पहले 2 मई को 24 घंटे में 600 से अधिक दीवारों को रंगने का अभियान चलाया था। इस पहल को मिली सराहना के बाद अब ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ शुरू किया गया है। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल दीवारों को रंगना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना, जयपुर की गुलाबी पहचान को मजबूत करना और शहर के विकास में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना है। इसमें हर वर्ग और उम्र के लोग सहयोग कर रहे हैं।

















