जयपुर। रामनगरिया थाना पुलिस ने घरों में घुसकर मोबाइल चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए महज 10 घंटे में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रामनगरिया थाना क्षेत्र सहित शहर के अन्य इलाकों से चोरी किए गए 15 कीमती मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में चोरी के मोबाइल खरीदकर उनके पार्ट्स अलग-अलग कर बेचने वाला दुकानदार भी शामिल है।
थानाधिकारी अनिल कुमार टेलर के अनुसार 1 सितंबर को परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 अगस्त की अलसुबह करीब 5 बजे परिवार घर में सो रहा था। मुख्य दरवाजे की कुंडी अंदर से खुली हुई थी। इसी दौरान अज्ञात चोर घर में घुसे और चार्जिंग पर लगे दो मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ संदिग्धों के आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई। मैनुअल पुलिसिंग और आसूचना तंत्र के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर दबिश दी गई। पुलिस ने लाखन सिंह उर्फ भूरिया (19) निवासी रेणी, अलवर, अंशुल जैन उर्फ छोटू (23) निवासी अजमेर, हाल प्रताप नगर तथा चोरी के मोबाइल खरीदने वाले दुकानदार हेमराज उर्फ हेमू (30) निवासी मानपुर, दौसा, हाल संचालक हेमू मोबाइल पॉइंट, जगतपुरा को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार लाखन सिंह के खिलाफ अलवर और जयपुर में चोरी के कई मामले पहले से दर्ज हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें केंद्रीय कारागृह भेज दिया गया।
जांच में सामने आया कि लाखन सिंह और अंशुल आदतन अपराधी हैं। दोनों नशे और मौज-मस्ती के लिए अलसुबह अथवा रात के समय ऐसे घरों को निशाना बनाते थे, जिनके दरवाजे खुले मिलते थे। घर में घुसकर सोते लोगों के पास रखे अथवा चार्जिंग पर लगे मोबाइल चोरी कर लेते थे।
चोरी के मोबाइल वे जगतपुरा स्थित हेमू मोबाइल पॉइंट के संचालक हेमराज को बेहद कम कीमत में बेच देते थे। पुलिस के अनुसार हेमराज मोबाइलों के पार्ट्स खोलकर उन्हें दूसरे ग्राहकों के मोबाइल में इस्तेमाल कर देता था। मोबाइल में सिम कार्ड नहीं लगाने और उसके पार्ट्स अलग-अलग कर देने से चोरी के फोन को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद 15 मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। पुलिस अब बरामद मोबाइलों के संबंध में अन्य थानों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में मोबाइल चोरी की अन्य वारदातों के खुलने की भी संभावना है।

















