जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से बुधवार को गायत्री जयंती महापर्व प्रखर साधना आंदोलन के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत जयपुर के तीनों गायत्री शक्तिपीठों और एक दर्जन से अधिक चेतना केंद्रों पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मंगलवार को पूर्व संध्या पर विभिन्न शक्तिपीठों एवं चेतना केंद्रों में सामूहिक गायत्री महामंत्र जप साधना और राष्ट्र जागरण दीप यज्ञ आयोजित किए गए, जिसमें श्रद्धालुओं ने सद्बुद्धि, राष्ट्र जागरण और विश्व मंगल की कामना की।
गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि ब्रह्मपुरी, वाटिका, कालवाड़ स्थित गायत्री शक्तिपीठों तथा मानसरोवर स्थित श्री वेद माता गायत्री ट्रस्ट वेदना निवारण केंद्र सहित विभिन्न स्थानों पर पंचकुंडीय और नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ होंगे। कार्यक्रमों में 11 हजार से अधिक श्रद्धालु भाग लेकर सवा लाख आहुतियां अर्पित करेंगे। यज्ञों में करीब 100 किलो हवन सामग्री और 50 किलो घी का उपयोग किया जाएगा।
इस अवसर पर दीक्षा, यज्ञोपवीत, नामकरण, पुंसवन, अन्नप्राशन और विद्यारंभ सहित 108 से अधिक संस्कार भी संपन्न कराए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार विशेष आकर्षण रहेगा।
वाटिका, कालवाड़, मुरलीपुरा, वैशाली नगर, दुर्गापुरा, सांगानेर, मालवीय नगर और जनता कॉलोनी सहित शहर के विभिन्न चेतना केंद्रों पर सुबह से यज्ञ, साधना और संस्कार कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी।

















