जयपुर। मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर में सोमवार को पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ महाराज,बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की भव्य ‘स्नान यात्रा महोत्सव’ का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और वैदिक परंपरा के अनुसार किया जाएगा। इस विशेष धार्मिक उत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन और भक्तों में भारी उत्साह है। महोत्सव के अंतर्गत सायं 5 से 7 बजे तक भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलदेव और बहन सुभद्रा का दिव्य महाअभिषेक किया जाएगा। यह अभिषेक जयपुर के ऐतिहासिक तीर्थ श्री गलता जी के पवित्र जल के साथ-साथ भारत की 108 प्रमुख पवित्र नदियों एवं सरोवरों के जल से सम्पन्न होगा।
इस वर्ष स्नान यात्रा महोत्सव की सबसे खास बात यह होगी कि इस्कॉन जयपुर के वैष्णव पुजारियों एवं भक्तों के साथ-साथ यहाँ आने वाले सामान्य श्रद्धालुओं को भी अपने कर-कमलों से भगवान के महाअभिषेक करने का दुर्लभ और परम सौभाग्य प्राप्त होगा। महाअभिषेक के ठीक बाद सायं 7 बजे भगवान की विशेष संध्या आरती उतारी जाएगी।
सायं साढ़े 7 बजे से साढ़े 8 बजे तक इस्कॉन जयपुर के मंदिर अध्यक्ष पंचरत्न प्रभु जी द्वारा विशेष कथा सत्र का आयोजन होगा। इसमें वे श्रद्धालुओं को भगवान श्री जगन्नाथ की प्रसिद्ध स्नान लीला, ज्वर लीला (बीमार होने की लीला) तथा गुंडिचा मार्जन लीला की दिव्य एवं प्रेरणादायी कथा का श्रवण कराएंगे।
कथा के उपरांत कार्यक्रम के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलदेव एवं सुभद्रा महारानी के अलौकिक ‘गजवेश’ (हाथी वेष) के दर्शन लाभ प्राप्त होंगे। मान्यता है कि स्नान यात्रा के बाद भगवान इसी विशेष रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।



















