गोविंद देवजी मंदिर में पहली बार हुआ विद्यारंभ संस्कार, 300 श्रद्धालुओं ने दी यज्ञ में आहुति

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जयपुर। ठाकुर श्री राधा गोविंद देवजी मंदिर में रविवार को पहली बार विद्यालय जाने वाले बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय गुरुकुल परंपरा को पुनर्जीवित करना था, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों और अभिभावकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब उसके साथ संस्कार जुड़े हों। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश, मां सरस्वती, लेखनी, दवात, स्लेट और गुरु प्रतीक का पूजन कराया गया। इसके बाद बच्चों से स्लेट पर “ॐ भूर्भुवः स्वः” लिखवाकर अक्षरारंभ कराया गया तथा उन्हें शिक्षा, अनुशासन, गुरु-भक्ति और राष्ट्रसेवा का संकल्प दिलाया गया।

संस्कार के बाद आयोजित पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ में करीब 300 श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कीं। इस दौरान वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप में मृत लोगों की आत्मिक शांति के लिए भी विशेष प्रार्थना की गई।

समारोह के अंत में बच्चों पर पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद दिया गया। अभिभावक महेंद्र खंडेलवाल ने इस पहल को भारतीय संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने वाला सराहनीय प्रयास बताया। गायत्री शक्ति पीठ, ब्रह्मपुरी के सह-व्यवस्थापक मणि शंकर पाटीदार ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे संस्कार आधारित कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

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