जयपुर। चांदपोल बाजार स्थित ऐतिहासिक श्री रामचंद्र जी मंदिर में शनिवार को अधिकमास के अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला। मंदिर में पारंपरिक अष्टयाम सेवा पद्धति के तहत ग्रीष्मकालीन विविध मनोरथ श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुए। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मंदिर के महंत नरेंद्र तिवाड़ी के सान्निध्य में आयोजित उत्सव की शुरुआत संत सेवा से हुई। इसके बाद ठाकुरजी को ग्रीष्म ऋतु की तपिश से राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न शीतल मनोरथ सजाए गए। संध्या बेला में मंदिर परिसर में जल यात्रा का विशेष मनोरथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रीराम दरबार में ठाकुरजी के गर्भगृह को सुगंधित एवं रंग-बिरंगे पुष्पों से आकर्षक ढंग से सजाया गया।
श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ ठाकुरजी के जल विहार और जल केली के विशेष मनोरथ सजाए गए, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। प्रभु को शीतलता प्रदान करने के लिए शर्बत, ठंडाई सहित विभिन्न शीतल पेयों तथा मौसमी फलों का विशेष भोग अर्पित किया गया।
उत्सव के दौरान एक अनूठा दृश्य उस समय देखने को मिला, जब संध्या आरती और भोग के बाद श्री सीताराम जी महाराज को मंदिर के बाग में प्रतीकात्मक रूप से गेंद-बल्ला खिलाया गया। बाल-लीला स्वरूप आयोजित इस मनोरथ को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
रात्रि में उत्सव का समापन ठाकुरजी को सुगंधित पुष्पों से सजे भव्य फूल बंगले में शयन कराने के साथ हुआ। अधिकमास के चलते मंदिर में अष्टयाम सेवा पद्धति के अनुसार दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और मनोरथों का क्रम चलता रहा।



















