पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी:मौज-मस्ती और हाई प्रोफाइल लाइफ के लिए की थी कैब चालक की हत्या

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Murdered cab driver for a life of fun and high-profile living.
Murdered cab driver for a life of fun and high-profile living.

जयपुर। मौज-मस्ती, हाई प्रोफाइल जिंदगी जीने, कर्ज चुकाने और कैफे खोलने के लिए दो युवकों ने उबर कैब चालक की नृशंस हत्या कर उसकी कार लूट ली। हरमाड़ा थाना पुलिस और जयपुर पश्चिम की डीएसटी टीम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उबर ऐप से मिले तकनीकी साक्ष्यों की मदद से ब्लाइंड मर्डर और लूट की इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि 22 जुलाई को हरमाड़ा थाना क्षेत्र में नींदड़ स्थित चेतन डूंगरी के जंगल में एक अज्ञात युवक का शव मिला था। शव के पेट और छाती पर धारदार हथियार से कई वार के निशान थे। घटनास्थल पर खून और वाहन के टायरों के निशान मिलने से हत्या की आशंका हुई। एफएसएल, डॉग स्क्वायड और एमओबी टीम ने मौके का निरीक्षण किया।

मौके पर मृतक की पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। शव एक दिन पुराना होने से पहचान में भी कठिनाई आ रही थी। ऐसे में पुलिस ने मृतक की तस्वीर को एआई टूल की मदद से स्पष्ट कर सोशल मीडिया पर जारी किया। इसके बाद उसकी पहचान लखपत सिंह (34)निवासी किलोलपुरा जिला धौलपुर तथा वर्तमान में विद्याधर नगर के किशन बाग में किराए पर रहने वाले उबर कैब चालक के रूप में हुई। वह मारुति सुजुकी अर्टिगा चलाता था।

इसके बाद हरमाड़ा थानाधिकारी नरेंद्र भड़ाना तथा डीएसटी प्रभारी गणेश सैनी के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल बहादुर सिंह और कांस्टेबल राज महेंद्र सिंह की मदद से उबर कंपनी से राइड बुकिंग का डेटा प्राप्त किया। इसके आधार पर मुरलीपुरा निवासी सुधांशु जांगिड़ (22) और हाल मुरलीपुरा निवासी सोनू बैरवा (23) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जहां दोनों ने हत्या और कार लूट की वारदात स्वीकार कर ली।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कई दिनों से कार लूटने की योजना बना रहे थे। पहली बार उन्होंने खाटूश्यामजी जाने के बहाने कैब बुक की थी, लेकिन तेज बारिश के कारण वारदात नहीं कर सके। इसके बाद दोनों ने ब्लिंकिट ऐप से रस्सी मंगवाई, विद्याधर नगर से चाकू और गुप्ती खरीदी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने वारदात के लिए मिर्च पाउडर सहित अन्य सामान भी पहले से खरीद रखा था। आरोपियों के मोबाइल से ऐसे कई वीडियो भी मिले हैं, जिनसे उन्होंने हत्या करने के तरीके सीखे थे।

21 जुलाई की रात करीब दो बजे आरोपियों ने वीकेआई क्षेत्र से उबर ऐप के जरिए लखपत सिंह की अर्टिगा कैब बुक की। राजावास टोल के पास सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद एक आरोपी ने दोस्त से शराब मंगवाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई। इसी दौरान एक आरोपी ने पीछे से रस्सी से चालक का गला दबाया, जबकि दूसरे ने गुप्ती से पेट और सीने पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को चेतन डूंगरी के जंगल में फेंक कर आरोपी कार लेकर दौसा की ओर फरार हो गए।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कर्ज उतारने और कैफे खोलने के लिए रकम जुटाना चाहते थे। इसी उद्देश्य से कार लूटने की साजिश रची गई थी। वारदात के बाद उन्होंने लूटी गई कार बेचने के लिए कुछ लोगों को उसकी तस्वीरें भी भेजी थीं। पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार, रस्सी और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में सुधांशु जांगिड़, जिसने स्नातक प्रथम वर्ष तक पढ़ाई की है, तथा सोनू बैरवा, जो दसवीं तक शिक्षित है, शामिल हैं। दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उनसे गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पूर्व में की गई वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

इस मामले का खुलासा करने वाली टीम में थानाधिकारी नरेंद्र भड़ाना, डीएसटी प्रभारी गणेश सैनी, एसआई रामावतार, हेड कांस्टेबल पवन, भरत, राकेश, रामेश्वर, बहादुर सिंह, देशराज, राजेंद्र, मूलाराम तथा कांस्टेबल राज महेंद्र सिंह, दयाराम, राकेश, महेंद्र, मुकुट बिहारी, सुरेश मिठारवाल, सांवर, जीतराम, सुरेश कुमार और सुनील कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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