राजस्थान पुलिस अकादमी में 25 जुलाई को राज्य स्तरीय सेमिनार

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जयपुर। आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में राजस्थान पुलिस अकादमी में शुक्रवार 25 जुलाई को न्यायिक विभाग,अभियोजन विभाग, पुलिस विभाग एवं राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के अधिकारियों की एक दिवसीय संयुक्त कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला का मुख्य विषय “प्रभावी न्याय वितरण के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाना” रखा गया है।

राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक संजीब कुमार नार्जारी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े सभी हितधारकों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना है, ताकि अनुसंधान, अभियोजन एवं न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके। इस कार्यशाला में राज्यभर से 20 न्यायिक अधिकारी, 20 अभियोजन अधिकारी, 30 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी भाग लेंगे।

विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता से न्याय प्रणाली से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। सेमिनार के दौरान तीन अलग-अलग तकनीकी सत्रों में पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। प्रथम सत्र में आपराधिक न्याय प्रशासन में पुलिस, अभियोजन एवं न्यायपालिका की भूमिका तथा एक-दूसरे से अपेक्षाओं पर चर्चा होगी।

द्वितीय सत्र में लंबित प्रकरणों के प्रमुख कारण, समन्वय संबंधी चुनौतियाँ, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, साक्ष्य प्रबंधन तथा न्यायालय एवं अभियोजन की अपेक्षाओं पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। तृतीय सत्र में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं की पहचान तथा उनके समाधान विकसित करने पर विस्तृत मंथन किया जाएगा।

निदेशक संजीब कुमार नार्जारी ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से जांच एजेंसियों, अभियोजन, न्यायपालिका एवं एफएसएल के बीच बेहतर संवाद, सूचना साझा करने की प्रभावी प्रणाली तथा समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। इससे अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, मामलों के त्वरित निस्तारण तथा प्रभावी न्याय वितरण की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त होने की अपेक्षा है।

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