ज्येष्ठ पूर्णिमा:आराध्य देव गोविंद देवजी के जेष्ठाभिषेक के अद्भुत दर्शन

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जयपुर। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सोमवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर ठाकुर जी का पूजन किया। वहीं आराध्य देव जयनिवास बाग स्थित ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी महाराज में सोमवार को द्वितीय ज्येष्ठ शुक्ल (शुद्ध) स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर जेष्ठाभिषेक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ मनाया गया।

श्रीमन्माध्व गौड़ेश्वर आचार्य महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजित इस विशेष उत्सव में श्रद्धालुओं ने ठाकुर श्रीजी के दुर्लभ एवं अलौकिक जेष्ठाभिषेक दर्शनों का लाभ लिया।

महोत्सव के अवसर पर निज मंदिर को आम के पत्तों की पारंपरिक बंदनवार से आकर्षक ढंग से सजाया गया। प्रातःकाल मंगला झांकी के पश्चात वेदपाठी ब्राह्मणों के सस्वर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ठाकुर श्री गोविंद देवजी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। अभिषेक उपरांत ठाकुरजी को श्वेत धोती-दुपट्टा धारण कराया गया तथा प्राकृतिक एवं सुगंधित पुष्पों से निर्मित मुकुट, छड़ी और अन्य अलंकारों से दिव्य श्रृंगार किया गया।

जेष्ठाभिषेक के अवसर पर राजभोग झांकी का समय विशेष रखा गया। प्रातः 11:15 से 11:45 बजे तक श्रद्धालुओं ने ठाकुर श्रीजी और राधारानी के अनुपम दर्शन किए। इस दौरान दोनों के करकमलों में सोने की पिचकारी धारण कराई गई, जिसने झांकी की भव्यता को और भी मनोहारी बना दिया।

ग्रीष्म ऋतु की तीव्र गर्मी को ध्यान में रखते हुए ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष भोग अर्पित किया गया। इसमें खरबूजा, तरबूज सहित विभिन्न ऋतुफल, सिकरान पूड़ी, मटरी, कचौड़ी, सलोनी, आमरस, ठंडाई तथा पांच प्रकार के दाल भिजौना का भोग लगाया गया।

राजभोग के बाद पुनः दर्शन खुलने पर श्रद्धालुओं को कमलाकर सिंहासन में विराजमान ठाकुर श्री गोविंद देवजी और राधारानी के परस्पर पंचामृत अभिषेक के दुर्लभ दर्शन हुए। पांच वेदपाठी ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य संपन्न हुए इस जुगल अभिषेक का आयोजन महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी के मुख्य सान्निध्य में हुआ। अभिषेक के पश्चात भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आराध्य देव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इसके अलावा सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री सरस निकुंज श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार का अभिषेक किया गया। धवल पोशाक धारण कराकर सफेद पुष्पों से श्रृंगार किया गया। खीर सहित धवल भोग अर्पित किए गए। चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर जी, पुरानी बस्ती के गोपीनाथ जी, रामगंज बाजार के लाड़लीजी सहित अनेक मंदिरों में पूर्णिमा उत्सव मनाया गया।

मानसरोवर स्थित गिरिधारी दाऊजी मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा का स्नान यात्रा महोत्सव मनाया गया। गलताजी सहित 108 पवित्र तीर्थों के जल से भगवान का महाअभिषेक किया गया। इस्कॉन जयपुर के मंदिर अध्यक्ष पंचरत्न प्रभु के मार्गदर्शन में वैष्णव भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महोत्सव के दौरान संध्या आरती,स्नान लीला, ज्वर लीला एवं गुंडिचा मार्जन लीला की कथा का श्रवण कराया गया। अंत में भगवान के मनोहारी गजवेश दर्शन कराए गए, जिनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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