जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कोटा टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के संविदा कर्मी कपिलराज को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं इस मामले में केडीए कर्मचारी जुगल किशोर को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया है। एसीबी आरोपियों के निवास और अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाशी कार्रवाई कर रही है।
एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि श्रीनाथपुरम, कोटा स्थित उसके पैतृक मकान का नामांतरण उसके नाम दर्ज कराने के लिए केडीए के कर्मचारियों द्वारा बार-बार आपत्तियां लगाकर परेशान किया जा रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वैध कार्य करने की एवज में केडीए कर्मचारी जुगल किशोर और संविदाकर्मी कपिलराज ने 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने पर एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। 1 जून और 2 जून को किए गए मांग सत्यापन के दौरान आरोपियों द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी के उप अधीक्षक अनीस अहमद के नेतृत्व में गठित ट्रैप दल ने कार्रवाई की। टीम ने केडीए कैंटीन में परिवादी से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए संविदाकर्मी कपिलराज को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस कार्रवाई के दौरान केडीए कर्मचारी जुगल किशोर को उसके कार्यालय से डिटेन किया गया।



















