जयपुर। चंद्रग्रहण पर जयपुर में विभिन्न मंदिरों में विशेष अनुष्ठान एवं यज्ञ आयोजित किए गए। ग्रहणकाल के दौरान श्रद्धालु जप-तप और हवन में लीन रहे तथा विश्व कल्याण की कामना की गई। गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा की ओर से ग्रहण काल मेंं हवन और गायत्री महामंत्र का जप किया गया। विश्व कल्याण की कामना के साथ हवन में आहुतियां प्रदान की गई।
उधर, दिल्ली बाईपास स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में महंत रामरज दास त्यागी के सान्निध्य में विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। ग्रहणकाल आरंभ होते ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन प्रारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर सुख-समृद्धि और संकट निवारण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में भक्तों ने हनुमान चालीसा एवं मंत्र जाप किया।
इसी प्रकार गलता गेट स्थित श्री गीता गायत्री द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में चंद्रग्रहण के दौरान महामृत्युंजय यज्ञ किया गया। यज्ञ में भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए ग्रहणकाल की विशेष साधना संपन्न की गई।
श्रद्धालुओं ने ग्रहण मोक्ष के बाद पूर्णाहुति देकर शांति और आरोग्य की कामना की। मंदिरों में ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण के सूतक लगने से पूर्व ही ठाकुर श्रीजी का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। पचरंगी पोशाक एवं विशेष अलंकारों से आकर्षक श्रृंगार धारण कराया गया। इसकेे बाद झांकी के दर्शन हुए।
ग्रहण मोक्ष के बाद मंदिर परिसर में शास्त्रोक्त प्रक्षालन (धुलाई एवं शुद्धिकरण) किया गया। इसके बाद ठाकुरजी का पुन: पंचामृत अभिषेक किया गया।




















