जयपुर। नकली बीज प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई सहित छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं इस मामले में एसीबी ने निदेशक के निवास और बस की तलाशी के दौरान अब तक कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपए की नकद राशि बरामद की है। वहीं जुगल किशोर विश्नोई के भांजे स्वतंत्र विश्नोई को 85 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी डीजी गोविंद गुप्ता के अनुसार राज्य सरकार द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नकली एवं खराब बीजों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में हाल ही में गजराज ब्रांड के मूंगफली बीजों से जुड़े प्रकरण में कार्रवाई की गई थी। कंपनी के गोदाम को सील कर बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी तथा नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस कार्रवाई को प्रभावित करने, प्रकरण को दबाने तथा गोदाम में रखे बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति दिलाने के बदले कथित रूप से बड़ी रिश्वत राशि का लेन-देन हुआ। एसीबी के अनुसार इस संबंध में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए जुगल किशोर विश्नोई और करीब 60 लाख रुपए गणपत नामक व्यक्ति को दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
सूचना मिलने पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए लूणकरणसर क्षेत्र में एक बस को रुकवाकर तलाशी ली। बस में जुगल किशोर विश्नोई के भांजे स्वतंत्र विश्नोई के कब्जे से करीब 85 लाख रुपए बरामद किए गए। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीबी ने इस मामले में राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई, गजराज ब्रांड से जुड़े किरण कापड़िया, गणपत विश्नोई, सुनील सेतिया और सतपाल को डिटेन कर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसी के अनुसार इन लोगों पर कार्रवाई को प्रभावित करने, बीजों की बिक्री दोबारा शुरू करवाने, प्रयोगशाला में नमूने पास करवाने तथा अन्य अनुचित लाभ लेने के प्रयासों के आरोप हैं।
उल्लेखनीय है कि 27 मई 2026 को किरण कापड़िया के मूंगफली बीज गोदाम पर छापा मारकर नमूने लिए गए थे और गजराज ब्रांड के बीजों के विक्रय पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद से ही मामले की जांच चल रही थी।



















