खोह नागोरियान अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन: एएसआई और हेड कांस्टेबल निलंबित

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जयपुर। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर खोह नागोरियान थाने के एएसआई अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पूराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्च अभियान चलाकर अब तक पांच अवैध पटाखा फैक्ट्री-गोदामों को सील किया है।

खोह नागोरियान थाना अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि हादसे के बाद खोह नागोरियान, आयशा कॉलोनी और जावेद विहार क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण स्थलों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। इस दौरान भारी मात्रा में बारूद, पोटाश, केमिकल, पटाखों के खाली खोल तथा अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। जावेद विहार स्थित फैक्ट्रियों से पटाखा निर्माण में उपयोग होने वाली दो मशीनें भी जब्त की गई हैं। पुलिस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की कई अन्य अवैध फैक्ट्रियां बंद मिलीं।

पांच फैक्ट्री-गोदाम सील, कई मुकदमे होंगे दर्ज

एसआई मुकेश कुमार ने बताया कि आयशा कॉलोनी स्थित मुख्य गोदाम के अलावा जावेद विहार में संचालित तीन अन्य गोदामों सहित कुल पांच अवैध फैक्ट्री-गोदामों को सील किया गया है। ये गोदाम मुख्य आरोपी याकूब खान और उसके भतीजे कयूम खान से जुड़े बताए जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों से अवैध विस्फोटक सामग्री मिलने के कारण आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में एक से अधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।

भू-माफिया निकले मकान मालिक

जांच में सामने आया है कि जिस मकान में विस्फोट हुआ, उसके मालिक याकूब और कयूम रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं। दोनों पर इलाके में जमीन कब्जाने के कई आरोप हैं और इनके खिलाफ पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि सितंबर माह में एक महिला ने भी इनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था, लेकिन उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

एक मीटर से चल रही थी दो मकानों की बिजली

हादसे की जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। याकूब और कयूम के दो अलग-अलग मकानों में एक ही बिजली मीटर से अवैध रूप से सप्लाई ली जा रही थी। इसी बिजली का उपयोग व्यावसायिक स्तर पर बारूद पीसने और पटाखे बनाने के लिए किया जा रहा था। इससे स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

सबूत मिटाने की कोशिश

घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने नमूने एकत्र कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हादसे के बाद आरोपियों ने फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे और इंटरनेट राउटर तोड़कर सबूत मिटाने का प्रयास किया। जांच में यह भी पता चला है कि यहां शादियों और आयोजनों में उपयोग होने वाले ‘कोल्ड फायर’ पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। मुख्य आरोपी ने करीम नगर-बी स्थित मकान संख्या 88 को बीच में दीवार खड़ी कर दो हिस्सों में बांट रखा था।

दिल्ली का फिरोज चला रहा था फैक्ट्री

पुलिस जांच में सामने आया है कि करीम नगर-बी स्थित मकान याकूब पुत्र नजीर खान का है, जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दे रखा था। आरोप है कि फिरोज बिना किसी वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के यहां अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा था। हादसे के बाद से फिरोज, याकूब खान और कयूम खान फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

बिजली कनेक्शनों की जांच

बिजली विभाग के सहायक अभियंता सुधीर कुमार चौधरी ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि याकूब खान के नाम दो बिजली कनेक्शन दर्ज हैं। एक कनेक्शन घटना स्थल के पास जबकि दूसरा दाऊद नगर में है। दाऊद नगर स्थित मकान बंद मिला और वहां किसी प्रकार की औद्योगिक गतिविधि नहीं पाई गई।

दिल्ली से आता था कच्चा माल

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में कई वर्षों से पटाखों के निर्माण और पैकिंग का अवैध कारोबार संचालित हो रहा था। इसके लिए कच्चा माल दिल्ली से ट्रकों के जरिए लाया जाता था। पुलिस ने आयशा कॉलोनी के कई घरों में भी छापेमारी की है, जहां घरेलू स्तर पर पटाखों की पैकिंग और निर्माण का काम किए जाने की आशंका है।

आठ लोगों की गई थी जान

गौरतलब है कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुए भीषण विस्फोट और आगजनी में एक बच्चे और दो सगे भाइयों सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया।

वहीं जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में यह गोदाम अवैध रूप से चल रहा था। फॉरेंसिक जांच के बाद मकान मालिक और इस धंधे से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही मामले की जांच जारी है तथा दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए यूपी और दिल्ली में लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो जाएगी।

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