जयपुर। बगरू थाना पुलिस ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) के कीमती पार्ट्स चोरी करने के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपित मिस्त्री को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 450 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी को दबोचा और उसके कब्जे से करीब 6 लाख रुपए का चोरी का सामान तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि बगरू थाना पुलिस ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) के कीमती पार्ट्स चोरी करने के मामले मोहम्मद शहजाद (51) निवासी अंसारियान मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया लगभग पूरा सामान बरामद कर लिया है। बरामद सामान में टाटा नेक्सॉन का ईवी बैटरी चार्जर, ईसीएम, बीसीएम, बैटरी फ्यूज, कार की चाबी, क्लॉक स्प्रिंग, किया कार की एक चाबी तथा चोरी की गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (आरजे 14 एचई 3409) शामिल है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने इससे पहले भी इस प्रकार की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
बगरू थानाधिकारी राजेंद्र कुमार गोदारा ने बताया कि परिवादी विकास कुमावत ने 15 जुलाई 2026 को बगरू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 जुलाई की सुबह जब वह अपने वर्कशॉप पहुंचा तो वहां काम करने वाला मिस्त्री (डेंटर) मोहम्मद शहजाद उर्फ बब्बू गायब था। जांच करने पर वर्कशॉप से टाटा नेक्सॉन ईवी का चार्जर, इमोबिलाइजर, बैटरी फ्यूज, ईसीएम, बीसीएम फ्यूज बॉक्स, एयरबैग तथा कार की चाबी सहित करीब छह लाख रुपए का सामान गायब मिला। साथ ही उसकी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (आरजे 14 एचई 3409) भी नहीं मिली।
वहीं सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि मिस्त्री ही सामान चोरी कर ले गया था। बाद में आरोपी ने परिवादी को संदेश भेजकर मोटरसाइकिल सिंधी कैंप पार्किंग में खड़ी होने की जानकारी दी और बाकी सामान लौटाने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की। साथ ही रुपए नहीं देने पर सामान बेचने की धमकी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
टीम में हेड कांस्टेबल गजेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल हंसाराम और शैतान सिंह को शामिल किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित सिविल लाइंस थाना पुलिस के सहयोग से टीम ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाते हुए उसे धर—दबोचा।


















