जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को उदयपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बरामद राशि में 4 लाख रुपए असली भारतीय मुद्रा और 1 करोड़ 96 लाख रुपए डमी नोट (चिल्ड्रन नोट) शामिल हैं। इस मामले में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर एसओजी, उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी को उनके निवास स्थल जिला बालोतरा से डिटेन किया गया है। उनसे पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है।
एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट, उदयपुर को एक शिकायत मिली थी कि उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को दर्ज मुकदमों में राहत दिलाने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने तथा गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के घरों से बरामद ऐसे दस्तावेज, जिन्हें जब्त नहीं किया गया था, वापस लौटाने की एवज में 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत में आरोप था कि यह राशि सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला के माध्यम से एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी के लिए मांगी जा रही थी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान बातचीत में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
फैक्ट्री में लेते पकड़ा
एसीबी के अनुसार शनिवार को ट्रैप कार्रवाई के दौरान सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को परिवादी की फैक्ट्री से 2 करोड़ रुपए की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। बरामद रकम में 4 लाख रुपए भारतीय चलन की मुद्रा तथा 1.96 करोड़ रुपए डमी नोट शामिल थे। इस कार्रवाई के दौरान एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें बालोतरा स्थित उनके निवास से डिटेन किया गया।
इस कार्रवाई डॉ. रामेश्वर सिंह, उपमहानिरीक्षक पुलिस, एसीबी के सुपरविजन तथा गोपालस्वरूप मेवाड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त प्रभार ब्यूरो चौकी इंटेलीजेंस, उदयपुर के निर्देशन में की गई। एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट, उदयपुर की पुलिस उप अधीक्षक डॉ. सोनू शेखावत के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।



















