
जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मणिपुर से राजस्थान लाई जा रही करीब 88.970 किलोग्राम अवैध अफीम की खेप जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। हरियाणा के सिरसा जिले में हरियाणा पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में एएनटीएफ की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के तहत एएनटीएफ ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से राजस्थान में पहुंच रही मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर तकनीकी निगरानी शुरू की थी। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि ‘मणिपुर मॉड्यूल’ पर कई महीनों तक काम करने के बाद पांच राज्यों में फैले तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया।
जांच के दौरान पाली निवासी सुखराम विश्नोई एएनटीएफ के रडार पर आया, जो लगातार मणिपुर और राजस्थान के बीच आवाजाही कर रहा था। एएनटीएफ की टीमें उसके पीछे लगी रहीं। जांच में सामने आया कि नशे की खेप का सौदा तय करने के बाद सुखराम लखनऊ पहुंचा और वहां से नैनीताल व कैंची धाम भी गया। इस दौरान एजेंसियां लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं।
जब सुखराम जयपुर की ओर बढ़ा तो एएनटीएफ ने उसे पकड़ लिया, लेकिन उसके वाहन से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ। पूछताछ और तकनीकी जांच में उसके रिसेट किए गए मोबाइल उपकरणों से एक संदिग्ध ट्रक के फास्टैग की जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि उस ट्रक का फास्टैग भुगतान स्वयं सुखराम कर रहा था।
ट्रक मणिपुर से असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश होते हुए हरियाणा पहुंच चुका था। इसी दौरान मुख्य सूत्रधार ने ट्रक चालक को कोड वर्ड में निर्देश देकर राजस्थान नहीं आने को कहा। इसके बाद ट्रक हरियाणा के सिरसा क्षेत्र में रुक गया।
आईजी विकास कुमार ने सिरसा एसपी दीपक सारण से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। महिला निरीक्षक किरणजीत कौर के नेतृत्व में एएनटीएफ और हरियाणा पुलिस की टीम ने ट्रक को घेर लिया।
प्रारंभिक जांच में ट्रक खाली दिखाई दिया, लेकिन बारीकी से तलाशी लेने पर ट्रक के चेसिस के नीचे लोहे की प्लेटों और नट-बोल्ट से बनाया गया गुप्त तहखाना मिला। इसे काटकर खोला गया तो उसमें से 95 पोटलियों में पैक 88.970 किलो अवैध अफीम बरामद हुई।
मौके से पाली निवासी किशनाराम विश्नोई (44) को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य सूत्रधार सुखराम विश्नोई को हिरासत में लिया गया है। एएनटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि 36 घंटे तक लगातार निगरानी और कार्रवाई कर इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने वाली महिला निरीक्षक किरणजीत कौर और उनकी टीम को एएनटीएफ मुख्यालय जयपुर में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि राजस्थान को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
















