जयपुर। इंदिरा बाजार स्थित बाबा हरिश्चंद्र मार्ग, कानजी पुरोहित की गली में आयोजित “म्हारी झोपड़ी में पधारो श्याम” का 37वां वार्षिक उत्सव महोत्सव भक्ति और श्रद्धा के माहौल में संपन्न हुआ। दो दिवसीय आयोजन का समापन भव्य भंडारे और महाआरती के साथ हुआ।
आयोजक राजकुमार कुमावत एवं राजकुमारी कुमावत ने बताया कि आयोजन के दूसरे दिन शाम 7:15 बजे 101 थालियों से सजी भव्य आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दीपों की झिलमिलाहट और बाबा श्याम के जयकारों से पूरा पंडाल श्याममय हो उठा। आयोजन स्थल को आकर्षक फूल बंगले के रूप में सजाया गया, जहां बाबा श्याम को नवीन पोशाक धारण करवाई गई तथा केसर और चंदन के लेप से विशेष श्रृंगार किया गया।
लखदातार को छप्पन भोग एवं ठंडी तासीर वाले व्यंजनों और लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। अखंड ज्योत प्रज्वलित कर भजन संध्या की शुरुआत हुई। भजन संध्या के दौरान पुष्प वर्षा और इत्र वर्षा ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
भजन संध्या में खाटू से आए पप्पू शर्मा, उमा लहरी, रजनी राजस्थानी, कुमार गिरिराज, रमेश चौधरी, मनीष घी वाला, गोपाल सेन, निशा-गोविंद शर्मा, सुनील शर्मा, अमित नामा, राज राठौड़, महेश परमार, अजय शर्मा, अविनाश शर्मा, मनोज शर्मा, भारती कुमावत, लक्ष्मीकांत खंडेलवाल, अभिषेक नामा, कुमार शिवा और आदित्य छीपा सहित अन्य भजन गायकों ने बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
‘कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है’ और ‘साथी हमारा कौन बनेगा, तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में सराबोर नजर आए।
आयोजन में चांदी की टकसाल काले हनुमान मंदिर के महंत गोपाल दास महाराज, महामंडलेश्वर बालमुकुंद आचार्य महाराज, ज्योत सेवा पंकज महाराज एवं लोकेश मिश्रा का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
भजन संध्या के साथ बाबा के भंडारे एवं महाप्रसादी का आयोजन देर रात तक अनवरत चलता रहा। अंत में बाबा श्याम की महाआरती के साथ वार्षिक महोत्सव संपन्न हुआ।



















