सावन में लहरिए का रंग: तीज-सिंजारे पर बाजारों में बढ़ी खरीदारी

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The Colors of 'Lahariya' in Sawan: Shopping Surges in Markets for Teej-Sinjara
The Colors of 'Lahariya' in Sawan: Shopping Surges in Markets for Teej-Sinjara

जयपुर। सावन का महीना आते ही जयपुर में लहरिए की रंगत छा जाती है। तीज और सिंजारे के अवसर पर महिलाएं पारंपरिक लहरिया पोशाक को खासा पसंद करती हैं। जौहरी बाजार की बड़ी चौपड़ सहित शहर के प्रमुख बाजारों में लहरिया साड़ियों, लहरिया सूट और अन्य पारंपरिक परिधानों की खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ नजर आती है।

तीज के पर्व पर महिलाएं सज-धजकर लहरिया पहनती हैं और सखियों के साथ बाग-बगीचों में झूला झूलकर सावन का आनंद लेती हैं। लहरिए के चटख रंग और पारंपरिक डिजाइन सावन की खुशियों को और खास बना देते हैं। जयपुर की तीज संस्कृति में लहरिया आज भी महिलाओं के पारंपरिक श्रृंगार और उत्सव का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।

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