सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के लिए रिश्वत लेते रेलवे इंजीनियर समेत तीन गिरफ्तार

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Three people, including a railway engineer, arrested for taking a bribe for solar plant net metering.
Three people, including a railway engineer, arrested for taking a bribe for solar plant net metering.

जयपुर। दौसा जिले के बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर लगाए जा रहे सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के लिए मीटर चेंजिंग ऑर्डर (एमसीओ) जारी करने की एवज में रिश्वत लेने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की दौसा टीम ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर सहित जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता और लाइनमैन को गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार तीनों आरोपियों के बीच मिलीभगत सामने आई है। ट्रेप कार्रवाई के दौरान 10 हजार रुपए की रिश्वत में से 5 हजार रुपए बरामद किए गए। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।

एसीबी डीजी गोविंद गुप्ता के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में धर्मराज गुर्जर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत), बांदीकुई रेलवे जंक्शन (उत्तर पश्चिम रेलवे), छोटेलाल सैनी, सहायक अभियंता, कार्यालय सहायक अभियंता, पवस, जयपुर डिस्कॉम, बांदीकुई और धर्मेन्द्र सैनी, लाइनमैन प्रथम, कार्यालय सहायक अभियंता, पवस, जयपुर डिस्कॉम, बांदीकुई शामिल हैं।

चौकी दौसा को शिकायत मिली थी कि परिवादी की फर्म की ओर से बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर लगाए जा रहे सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के लिए फाइल प्रस्तुत की गई थी। इस फाइल में एमसीओ जारी करने और उसे आगे बढ़ाने की एवज में सहायक अभियंता छोटेलाल सैनी और लाइनमैन धर्मेन्द्र सैनी परिवादी से 10 हजार रुपए रिश्वत मांग रहे थे।

शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर एसीबी ने ट्रेप की कार्रवाई की। एसीबी के मुताबिक ट्रेप कार्रवाई के दौरान छोटेलाल सैनी और धर्मेन्द्र सैनी ने परिवादी को रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर धर्मराज गुर्जर के कार्यालय में बुलवाया। वहां धर्मराज गुर्जर ने परिवादी से 10 हजार रुपए लिए और अपने हाथों से रकम गिनी।
एसीबी के अनुसार इसके बाद धर्मराज गुर्जर ने रिश्वत की रकम में से 5 हजार रुपए खाकी लिफाफे में डालकर छोटेलाल सैनी और धर्मेन्द्र सैनी को दिए।

दोनों ने यह रकम अपनी साथ लाई परिवादी की मूल पत्रावली में रख दी। एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए पत्रावली से 5 हजार रुपए बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेन-देन के दौरान शेष 5 हजार रुपए धर्मराज गुर्जर ने परिवादी को वापस कर दिए थे। एसीबी ने परिवादी से यह रकम भी सबूत के रूप में कब्जे में ली है।

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