25 साल पहले अवैध रूप से भारत आए बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने किया दस्तयाब

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Police have located a Bangladeshi national who had entered India illegally 25 years ago.
Police have located a Bangladeshi national who had entered India illegally 25 years ago.

जयपुर। अजमेर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने 27वीं कार्रवाई करते हुए 52 वर्षीय गुलाम मुस्तफा को दस्तयाब किया है। पुलिस के अनुसार इसके साथ ही अभियान में अब तक दस्तयाब किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या 61 हो गई है।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि चलाए जा रहे अभियान के तहत दरगाह थाना पुलिस और सीआईडी जोन अजमेर की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन तथा वृत्ताधिकारी दरगाह हर्षित शर्मा के नेतृत्व में टीम संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही थी।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पुलिस टीम ने दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अंदरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ी, सिलावट मोहल्ला, बड़े पीर का चिल्ला, लंगर खाना गली, चश्मा-ए-नूर, त्रिपोलिया गेट, सोहले खंभा, झालरा और लाखन कोटड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों में आसूचना और तकनीकी साधनों के आधार पर तलाश की। इसी दौरान गुलाम मुस्तफा को दस्तयाब कर पूछताछ की गई।

पुलिस के अनुसार, गुलाम मुस्तफा ने अपना पता बांग्लादेश के लालमुनिहाट जिले के गांव मुगलहाट का बताया। पूछताछ में उसने करीब 25 साल पहले पश्चिम बंगाल के मुगलहाट बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत आने की बात कही।

पूछताछ में सामने आया कि भारत आने के बाद वह कुछ समय पश्चिम बंगाल में रहा और किराना दुकान पर काम किया। इसके बाद ट्रेन से अजमेर दरगाह शरीफ पहुंचा। वह खानाबदोश की तरह दिल्ली, उत्तराखंड, हरिद्वार, असम, गुजरात और महाराष्ट्र सहित विभिन्न स्थानों पर रहा। करीब तीन महीने पहले वह दोबारा अजमेर आया और दरगाह क्षेत्र में रहने लगा।

सोमवार को दरगाह थाना पुलिस और सीआईडी की टीम उसे थाने लेकर आई। फिलहाल उसकी नागरिकता और भारत में प्रवेश से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

इस कार्रवाई में दरगाह थानाधिकारी दिनेश जीवनानी सह-टीम प्रभारी के रूप में शामिल रहे। सीआईडी जोन अजमेर के निरीक्षक नरेंद्र कुमार शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक मजीद मोहम्मद, डीएसबी अजमेर के सहायक उपनिरीक्षक योगेश कुमार सहित दरगाह थाना और सीआईडी के अन्य पुलिसकर्मियों ने भूमिका निभाई। कांस्टेबल मुकेश कुमार और नाथूराम का विशेष योगदान रहा।

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