जैन मंदिरों में धर्म, तप और सुगंध दशमी की तैयारियां

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जयपुर। राजधानी में दशलक्षण महापर्व के तहत रविवार को सांगानेर स्थित चित्रकूट कॉलोनी के श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य विशद सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में सत्य धर्म मनाया गया। भगवान के अभिषेक, शांतिधारा, सामूहिक तत्त्वार्थसूत्र विधान एवं दशलक्षण धर्म पूजन विधान में श्रद्धालुओं ने अर्घ्य समर्पित किए।

आचार्य विशद सागर महाराज ने कहा कि तप से ही मोक्ष मार्ग की प्राप्ति संभव है, इसलिए आत्मकल्याण के लिए संयम और तप के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। पंचमेरु उपवास करने वाली अंजना देवी पाटनी, रानी देवी पाटनी व अंजू देवी बोहरा की तपस्या की संगीतमय विनतियों से अनुमोदना की गई। मुनि विभोर सागर, मुनि विपिन सागर, आर्यिका भक्ति मति व क्षुल्लिका वात्सल्यमती माताजी ने आशीर्वाद दिया।

सोमवार को महावीर नवयुवक मंडल की ओर से मंदिर परिसर में ‘जैन समाज का धन?’ विषय पर सजीव झांकी सजाई जाएगी। मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सोगानी व मंत्री मनीष पाटनी ने बताया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन और जनजागरूकता के लिए पिछले 20 वर्षों से झांकियां सजाई जा रही हैं।

17 से अधिक मंदिरों में सजेंगी सुगंध दशमी की झांकियां

जयपुर। सुगंध दशमी पर सोमवार को शहर के 17 से अधिक दिगम्बर जैन मंदिरों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे। श्रद्धालु अष्ट कर्मों के क्षय की भावना से धूप खेएंगे। मंदिरों में जैन दर्शन और तीर्थंकरों के जीवन चरित्र पर आधारित ज्ञानवर्धक एवं सजीव झांकियां सजाई जाएंगी।

राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जैन व प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। महासभा की 31 सदस्यीय टीम झांकियों का अवलोकन कर संभागवार एवं जिला स्तर पर श्रेष्ठ झांकियों को पुरस्कृत करेगी।

सिटी संभाग में बड़ा दीवान जी मंदिर में ‘टूट गई बेड़ियां भक्तामर के जाप से’ और चंद्रप्रभ जी मंदिर में ‘यूनान में सिकंदर और दिगम्बर मुनिराज’ विषय पर झांकी होगी। जवाहर नगर-मालवीय नगर संभाग में ‘तीर्थ रक्षा से धर्म रक्षा’, ‘बिखरते संस्कार-टूटते परिवार’, ‘सम्यक दृष्टि की अंतरंग और बहिरंग दशा’, ‘पंडित टोडरमल-बलिदान से ज्ञान तीर्थ तक’ तथा ‘गर्भ से मोक्ष की ओर’ झांकियां सजेंगी।

मानसरोवर-टोंक रोड संभाग में ‘भगवान महावीर का जन्मोत्सव’, ‘विद्याधर से विद्या सागर’ और ‘समवशरण एवं जयपुर के नजदीकी अतिशय क्षेत्रों के दर्शन’ विषय रहेंगे। झोटवाड़ा संभाग में ‘जैन धर्म पर सच्ची दृढ़ श्रद्धा’, ‘अष्टापद कैलाश मानसरोवर’, ‘समवशरण की महक एवं सुगंध दशमी’ और ‘प्रगट भये महावीर’ झांकियां होंगी। सांगानेर संभाग में ‘जैन समाज का धन?’, ‘कैलाश पर्वत-सिद्धों का दिव्य लोक’ और ‘अनंत सुख की अनंत यात्रा’ प्रस्तुत की जाएगी। जिला अध्यक्ष संजय पांड्या व जिला महामंत्री सुभाष बज ने बताया कि निरीक्षण टीम सभी मंदिरों में पहुंचकर झांकियों का मूल्यांकन करेगी।

निवाई में गूंजा झूलेलाल का जयघोष

निवाई। राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली और सिन्धु वीमेन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से शनिवार को झूलेलाल धर्मशाला में ‘चालीहा महोत्सव की महिमा’ के तहत सिंधी नाटक ‘दयावान भगवान झूलेलाल’ का मंचन किया गया। स्थानीय बाल कलाकारों ने करीब 60 मिनट की प्रस्तुति में भगवान झूलेलाल के प्राकट्य और उनसे जुड़ी पौराणिक व ऐतिहासिक गाथाओं को जीवंत किया। मुख्य अतिथि मुंबई निवासी संत ठाकुर नितिन साईं और विशिष्ट अतिथि योग्यता इसरानी रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बाल कलाकारों को स्मृति चिह्न व उपहार देकर सम्मानित किया गया। मस्तराम मंडली ने भजनों की प्रस्तुति दी।

समिति अध्यक्ष ऋचा इसरानी ने बताया कि चालीहा महोत्सव में सिंधी समाज द्वारा भगवान झूलेलाल की कृपा और कृतज्ञता के लिए 40 दिनों तक व्रत एवं पूजा-अर्चना की जाती है। कार्यक्रम में चार्वी छतवानी, कायरा, दुर्गा, काजल, नीतू सहित समिति कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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