जयपुर में 15वां ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार में 50 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे

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Representatives from 50 countries will gather in Jaipur for the 15th Great Indian Travel Bazaar.
Representatives from 50 countries will gather in Jaipur for the 15th Great Indian Travel Bazaar.

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पर्यटन वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। बदलते ट्रैवल पैटर्न और अनुभव-आधारित पर्यटन की बढ़ती मांग के बीच प्रदेश एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दीया कुमारी ने कहा कि 26 से 28 अप्रैल तक जयपुर में आयोजित होने वाला 15वां ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार (जीआईटीबी) इस बार विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसमें दुनिया के सातों महाद्वीपों से 50 देशों के विदेशी टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और फिक्की के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

पर्यटन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि उद्घाटन सत्र 26 अप्रैल की शाम जय महल पैलेस में होगा, जबकि 27 और 28 अप्रैल को बी2बी सत्र जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित किए जाएंगे। दो दिनों में 10 हजार से अधिक पूर्व-निर्धारित बी2बी बैठकों के जरिए विदेशी खरीदार भारतीय प्रदर्शकों, हेरिटेज एवं लग्जरी होटल संचालकों, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों, वेलनेस, वाइल्डलाइफ, एडवेंचर और एमआईसीई ऑपरेटर्स से सीधे संवाद करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करना है।

पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियार ने कहा कि लगातार 15 वर्षों से आयोजित हो रहा जीआईटीबी राजस्थान पर्यटन की विश्वसनीयता का प्रतीक बन चुका है। विदेशी प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि राजस्थान को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित, स्थिर और आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है।

इस आयोजन में एशिया, यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और ओशिआनिया सहित विभिन्न महाद्वीपों के कुल 50 देश भाग ले रहे हैं। आयोजन के बाद विदेशी प्रतिनिधियों के लिए जयपुर, सरिस्का, सवाई माधोपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, उदयपुर और देवगढ़ जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के विशेष फैम टूर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे राजस्थान की संस्कृति, विरासत और अनुभव-आधारित पर्यटन को करीब से जान सकें।

दीया कुमारी ने कहा कि अब राजस्थान केवल किलों और महलों तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य, जीवंत संस्कृति और विविध अनुभवों के कारण वैश्विक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।

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