अवैध पटाखा गोदाम में भीषण अग्निकांड में बच्चे समेत सात की मौत

0
122
Seven, including a child, killed in massive fire at illegal firecracker warehouse.
Seven, including a child, killed in massive fire at illegal firecracker warehouse.

जयपुर। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र के आयशा नगर तलाई स्थित आईटीआई कॉलेज के पास मंगलवार सुबह अवैध रूप से संचालित पटाखों के गोदाम में भीषण आग लगने से बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य चलाकर आग पर काबू पाया। घटना के बाद गोदाम को सील कर दिया गया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। गोदाम में बड़ी मात्रा में पटाखे और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। कई धमाकों के बीच अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सात लोगों की मौत, एक की हालत गंभीर

इस अग्निकांड में रामगंज निवासी अब्दुल वाहिद (50), रहीम नगर निवासी बिलाल खान (30), समीर (20), आजीम खान उर्फ आविद, राबिल पुत्र सिकंदर कुरैशी सहित सात लोगों की मौत हो गई। दो मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वहीं नासिर पुत्र मोहम्मद अली गंभीर रूप से झुलस गया और उसका एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में उपचार चल रहा है।

एसएमएस अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. आर.के. जैन ने बताया कि अस्पताल में छह मरीज लाए गए थे। इनमें दो की मौत हो गई, जबकि चार का उपचार किया गया। नासिर 95 प्रतिशत तक झुलसा हुआ है। समीर भी 95 प्रतिशत, बिलाल 75 प्रतिशत और आदिब 65 प्रतिशत तक झुलसे थे। बाद में समीर और अन्य घायलों में से कई ने दम तोड़ दिया।

दिल्ली निवासी चला रहा था अवैध गोदाम

खोह नागोरियान थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि मकान याकूब नामक व्यक्ति का है। उसने यह भवन दिल्ली निवासी फिरोज को किराये पर दिया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फिरोज अपने सहयोगी वसीम के साथ मिलकर यहां अवैध रूप से पटाखों का गोदाम और निर्माण गतिविधियां संचालित कर रहा था। पुलिस ने परिसर को सील कर दिया है।

रिहायशी क्षेत्र में अवैध संचालन पर उठे सवाल

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पटाखों का गोदाम प्रतीत होता है, जबकि फैक्ट्री कहीं और संचालित होने की जानकारी मिली है। विस्तृत जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके में अवैध रूप से गोदाम संचालित किया जा रहा था। गोदाम मालिक, संचालकों तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग भड़कने की आशंका है। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार और पटवारी से भी रिपोर्ट तलब की है, क्योंकि जिस कॉलोनी में गोदाम संचालित हो रहा था, उसे अवैध कॉलोनी बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बचाए कई जानें

स्थानीय निवासी हाशिम अंसारी और अन्य लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद उन्होंने पानी के टैंकर और पाइप की मदद से अंदर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। तीन-चार लोगों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। बचाव के दौरान कुछ लोगों के कपड़े और पैर भी झुलस गए।

विधायक ने उठाए सवाल

किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने घटना के लिए प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आबादी क्षेत्र में बारूद और पटाखों का गोदाम संचालित हो रहा था, लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मामले में मिलीभगत की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

राज्यपाल और मंत्री ने जताया शोक

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने भी घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताया शोक

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खोह नागोरियान क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। गहलोत ने कहा कि इस भीषण हादसे में कई लोगों की मृत्यु की सूचना अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

पुलिस, एफएसएल और प्रशासनिक टीमें आग लगने के कारणों, गोदाम के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों तथा अवैध संचालन की जांच में जुटी हुई हैं। घटना ने रिहायशी क्षेत्रों में संचालित अवैध पटाखा गोदामों और फैक्ट्रियों पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here