जयपुर। ब्रह्मपुरी रोड स्थित मंगोड़ी वालों की बगीची के श्रीमोहन मंदिर प्रांगण में सखी सहेली महिला मंडल की ओर से आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के अंतर्गत शुक्रवार को व्यासपीठ से पूज्य अकिंचन महाराज ने सीताहरण, शबरी मिलन और सुग्रीव मितान के प्रसंगों पर अत्यंत मर्मस्पर्शी प्रवचन दिए।
कथावाचक अकिंचन महाराज ने शबरी मिलन के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शबरी भक्ति का वह सर्वोच्च शिखर हैं, जिन्होंने प्रभु श्रीराम का इंतजार तब से शुरू कर दिया था जब भगवान राम के पिता राजा दशरथ का जन्म भी नहीं हुआ था। उन्होंने आज के मानव स्वभाव पर टिप्पणी करते हुए कहा- “आज के इंसान में धैर्य बिल्कुल खत्म हो गई है।
वह ‘हथेली पर सरसों उगाना’ चाहता है, यानी हर काम का परिणाम तुरंत चाहता है। लेकिन याद रखें, भगवान हमेशा भक्त के ‘धैर्य’ और उसके ‘ध्येय’ दोनों की कड़ी परीक्षा लेते हैं। मंडल के सदस्य कृष्ण स्वरूप बूब ने जानकारी दी कि यह संगीतमय श्रीराम कथा 15 जून तक अनवरत जारी रहेगी। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक किया जाएगा।



















