जयपुर। नीट पेपर लीक और लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों के विरोध में बुधवार को राजधानी जयपुर में छात्र-युवा सड़कों पर उतर आए। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने गुर्जर की थड़ी से मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर रहा है और युवाओं का भविष्य दांव पर लग रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां युवाओं के साथ अन्याय हैं, जिन्हें अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें देशभर में लीक-मुक्त और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग तथा सभी सरकारी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करना शामिल है, ताकि अभ्यर्थियों को समयबद्ध और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान एक ठेले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने “मोदी वीक, तभी तो पेपर लीक” सहित विभिन्न नारे लगाते हुए पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अभिषेक चौधरी ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रहती है, तो छात्रों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा बहाल करने के लिए सरकार को परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने होंगे, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी अवसर मिल सके।



















