जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अनुसंधान इकाई (एसआईयू) ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों से 2.63 लाख रुपए की संदिग्ध नकद राशि बरामद की है। अधिकारियों पर भिवाड़ी-कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में खाद एवं कीटनाशक निर्माण इकाइयों के निरीक्षण के दौरान कार्रवाई का भय दिखाकर अवैध वसूली करने का संदेह है। फिलहाल एसीबी नकदी के स्रोत और कथित वसूली के संबंध में गहन जांच कर रही है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी मुख्यालय को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि जयपुर से आई कृषि विभाग की टीम भिवाड़ी-कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में स्थित खाद एवं कीटनाशक निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर रही है तथा निरीक्षण की कार्रवाई का डर दिखाकर संबंधित इकाइयों से अवैध रूप से धनराशि वसूल रही है। सूचना के आधार पर उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में विशेष अनुसंधान इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
टीम ने शाहपुरा पुलिया, दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी रखी और संदिग्ध टाटा सफारी को रुकवाकर उसमें सवार अधिकारियों एवं चालक की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा के बैग से 1 लाख 48 हजार 500 रुपए तथा कृषि अधिकारी चन्दा राम गुर्जर के बैग से 1 लाख 15 हजार रुपए नकद बरामद हुए।
वाहन में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव तथा कृषि विभाग के चालक रमेश चन्द्र मीणा भी सवार थे, जिनकी भी नियमानुसार तलाशी ली गई। कुल 2 लाख 63 हजार 500 रुपए की संदिग्ध नकदी बरामद हुई।
एसीबी अब बरामद नकदी के स्रोत, औद्योगिक इकाइयों से कथित अवैध वसूली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। मामले में अग्रिम अनुसंधान एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी है।



















