एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाली एसवीएस गैंग का पर्दाफाश

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SVS Gang, Involved in ATM Card Swapping Fraud, Busted
SVS Gang, Involved in ATM Card Swapping Fraud, Busted

जयपुर। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाली अंतरराज्यीय एसवीएस गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से वारदात में प्रयुक्त चौपहिया वाहन सहित एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए है।

पुलिस की प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपित बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाकर एटीएम बूथ में धोखाधड़ी करते थे और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाली अंतरराज्यीय एसवीएस गैंग के शातिर बदमाश वीरेंद्र सिंह (25) निवासी रामपुरा थाना सेवर जिला भरतपुर, सोनू वैष्णव (23) निवासी नदबई हाल गांधी नगर जिला भरतपुर तथा सद्दाम (26) निवासी बलराम नगर लौणी जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी ‘एसवीएस’ (सोनू, वीरेन्द्र, सद्दाम) नाम से गैंग चलाते थे और वारदात के दौरान आपस में कोड वर्ड का उपयोग करते थे।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गैंग के सदस्य भरतपुर के सेवर क्षेत्र में एकत्र होकर वारदात की योजना बनाते थे। इसके बाद किसी शहर को चिन्हित कर वहां पहुंचते और एटीएम बूथ के बाहर खड़े होकर बुजुर्ग महिला-पुरुषों की रेकी करते थे। आरोपित मदद के बहाने एटीएम में घुसते और बातों में उलझाकर कार्ड बदल लेते थे।

इसके बाद दूसरी जगह जाकर खातों से पैसे निकाल लेते थे। वारदात के बाद मुख्य मार्गों से बचते हुए गलियों के रास्ते फरार हो जाते थे। आरोपितों ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सक्रिय थे तथा वारदात के बाद बड़े शहरों के होटलों में ठहरकर रकम का बंटवारा करते थे। तीनों आरोपी हाल ही में जेल से छूटने के बाद फिर सक्रिय हुए थे।

इसके अलावा आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है। इनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में धोखाधड़ी, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में करीब तीन दर्जन मामले दर्ज हैं। विशेष रूप से आरोपी सोनू के खिलाफ जयपुर और भरतपुर में कई प्रकरण दर्ज हैं।

फिलहाल पुलिस आरोपितों से गहन पूछताछ कर अन्य वारदातों के खुलासे में जुटी है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि एटीएम का उपयोग करते समय किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और अपने कार्ड व पिन की जानकारी गोपनीय रखें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने 26 अप्रैल को दर्ज प्रकरण के बाद विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने करीब तीन सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालते हुए तकनीकी विश्लेषण किया और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपितों के रूट का चार्ट तैयार किया। और फिर करीब 450 किलोमीटर तक पीछा कर पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया ।

जानकारी के अनुसार आरोपितों को पकड़ने में पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक सुनील चौहान, हैड कांस्टेबल बलराम , मालीराम , तकनीकी शाखा के दिनेश कुमार, कांस्टेबल सुनील , गजानन्द , अमित कुमार , राजेन्द्र एवं नरेन्द्र सिंह की विशेष भूमिका रही।

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