जयपुर। राजस्थान सरकारी स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में पिछले एक वर्ष से इलाज नहीं मिलने की समस्या को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया है। इसी से नाराज होकर राज्य कर्मचारियों ने मंगलवार से आंदोलन की शुरुआत करते हुए काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। और साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
राजधानी जयपुर के गवर्नमेंट प्रेस कार्यालय में राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। करीब आधे घंटे के प्रदर्शन के बाद कर्मचारी काली पट्टी बांधकर ही अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटे।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की तनख्वाह से राशि कटने के बावजूद उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। निजी अस्पतालों में उपचार बंद है और फार्मेसी से दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को भुगतान नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है,जो सरकार के लिए चिंताजनक है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो ब्लॉक, तहसील, जिला और प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन तेज किया जाएगा। साथ ही यह भी सवाल उठाया कि कर्मचारियों के खातों से कट रही राशि का उपयोग कहां हो रहा है, इसकी मॉनिटरिंग आवश्यक है।
वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि अब तक केवल आश्वासन मिले हैं,लेकिन बकाया भुगतान और ठोस निर्णय नहीं होने तक आरजीएचएस का बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने योजना की संरचना में गंभीर खामियों की ओर भी ध्यान दिलाया।
कर्मचारियों के इस विरोध से स्पष्ट है कि आरजीएचएस की व्यवस्था को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है, जिसे दूर करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।



















