नानी बाई का मायरा में ठाकुर जी ने मुनीम बनकर भरा मायरा

0
38
In the *Nani Bai Ro Mayro*, Thakur Ji assumed the role of an accountant and fulfilled the *Mayro* ritual.
In the *Nani Bai Ro Mayro*, Thakur Ji assumed the role of an accountant and fulfilled the *Mayro* ritual.

जयपुर। आगरा रोड पर प्रेम नगर स्थित राधा कृष्ण मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय ‘नानी बाई का मायरा’ कथा का समापन भव्य महाआरती और भंडारे के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर ठाकुर जी की भक्ति का आनंद लिया। कथा के तीसरे और मुख्य दिवस पर प्रख्यात कथावाचक पं. उमेश व्यास ने ठाकुरजी द्वारा मुनीम बनकर नानी बाई का मायरा भरने का भावपूर्ण वृतांत सुनाया।

उन्होंने बताया कि कैसे भगवान अपने परम भक्त नरसी मेहता की लाज रखने के लिए स्वयं सांवरिया सेठ (मुनीम) का रूप धारण कर आए और नानी बाई का मायरा भरा। इस अलौकिक प्रसंग को सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा माहौल ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा।

धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ व्यास जी ने सामाजिक संदेश भी दिया। उन्होंने समाज में बढ़ रही भ्रूण हत्या की निंदा करते हुए कहा कि भ्रूण हत्या एक महापाप है। बेटियों से ही संसार और परिवार की रौनक है, इसलिए हमें इस कुप्रथा से बचते हुए समाज को जागरूक करने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य आयोजक ओम प्रकाश मीणा ने कथा में पधारे सभी संतों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का हृदय से आभार प्रकट किया। कथा के बाद आयोजित विशाल भंडारे में सैंकड़ों भक्तों ने महाप्रसादी ग्रहण की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here