जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को राजधानी में पर्यावरण बचाने के लिए अनेक आयोजन हुए। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा भावी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में मुरलीपुरा की संस्कृति चिल्ड्रेन्स एकेडमी में मुख्य आयोजन हुआ। पर्यावरण गतिविधि राजस्थान के प्रमुख अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण करने, प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य को लेकर आयोजित कार्यक्रम में अनेक लोगों ने भाग लिया।
समाजसेवी डॉ. सीताराम कुमावत, बजरंग शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भरकस प्रयास करने का आह्वान किया। इस मौके पर गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा की ओर से पर्यावरण संवद्र्धन गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। चालीस से अधिक जड़ी बूटियों से तैयार हवन सामग्री से आहुतियां प्रदान की गई। प्रहलाद शर्मा और धर्मपाल सिंह चौधरी ने हवन संपन्न करवाया। इस मौके पर औषधीय तुलसी के पौधों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों को पक्षियों के संरक्षण के लिए पक्षीघर, बर्ड फीडर एवं परिंडे वितरित किए गए। कार्यक्रम में वृक्ष कथा, वसुंधरा पूजन एवं गौ पूजन जैसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भी हुए। भारतीय संस्कृति में प्रकृति, वृक्षों और गौ सेवा के महत्व को पौराणिक कथाओं एवं प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से बताया गया। उपस्थित लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा जीवों की सेवा का संकल्प कराया गया।
झोटवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्री बड़ पीपली धाम में महंत प्रमेन्द्रनाथ महाराज के सान्निध्य में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। धाम के प्रवक्ता विक्रम सिंह रुंडल ने बताया कि इस मौके पर लोगों को तुलसी पौध, पक्षीघर, परिंडा, बर्ड फीडर का वितरण किया गया। गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी में सुबह पर्यावरण शुद्धि महायज्ञ हुआ। इसमें विशिष्ट हवन सामग्री और समिधा का उपयोग किया गया।



















