जयपुर। गायत्री परिवार की युवा इकाई डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन(दिया) की ओर से मानसरोवर स्थित वेदना निवारण केन्द्र में शुक्रवार को तीन दिवसीय उत्कर्ष आवासीय शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 70 बालक-बालिकाएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार संवर्धन तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय चेतना का विकास करना है।
शिविर का शुभारंभ सीए विपिन सिंघल, समाजसेवी प्रदीप शेखावत, गायत्री परिवार जयपुर उप जोन समन्वयक सुशील शर्मा, वेदना निवारण केन्द्र के व्यवस्थापक आर डी गुप्ता, केदार शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत दिया राजस्थान के संस्थापक सदस्य संदीप त्रिपाठी ने किया।
मुख्य अतिथि सीए विपिन सिंघल ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को संस्कारवान, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए ऐसे शिविरों की अत्यंत आवश्यकता है। शिविर के प्रथम सत्र में कॉर्पोरेट ट्रेनर संदीप त्रिपाठी ने बच्चों से उनकी क्षमताओं और कमजोरियों पर संवाद किया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा जीवन में सफलता प्राप्त करने के व्यावहारिक सूत्र बताए।
श्रद्धा शर्मा ने बच्चों को क्रोध नियंत्रण एवं सकारात्मक सोच विकसित करने के उपाय बताए, जबकि अंजली विजय ने जीवन में आने वाली विभिन्न समस्याओं एवं उनके समाधान पर प्रेरक चर्चा की।
दिया जयपुर के प्रभारी प्रखर सक्सेना ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मातृ स्मृति वाटिका अभियान के अंतर्गत प्रत्येक घर में कम से कम पांच पौधे लगाने का संकल्प दिलाया। शिविर में पर्यावरण संरक्षण को व्यवहारिक रूप देने के लिए बच्चों ने उत्साहपूर्वक 500 से अधिक सीड बॉल्स (बीज गेंदें) तैयार कीं।



















