
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की चूरू इकाई ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के दो कर्मचारियों और एक निजी दलाल को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी राज्य सरकार की ‘डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना’ के तहत मिलने वाली सहायता राशि दिलाने के नाम पर परिवादी से कमीशन वसूल रहे थे।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दी थी कि अंतरजातीय विवाह के तहत उसे राज्य सरकार से 10 लाख रुपए की सहायता मिलनी थी। योजना की पहली किस्त 2.5 लाख रुपए जारी होने के बाद दूसरी किस्त दिलाने के नाम पर आरोपियों ने 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस मामले में विजय खैरीवाल (सहायक प्रोग्रामर), कुलदीप आलडिया (वरिष्ठ सहायक) और निजी व्यक्ति बलवीर बिग्गा शामिल थे, जो मिलकर यह वसूली कर रहे थे।
एसीबी बीकानेर के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर टीम ने बलवीर बिग्गा को परिवादी से 15 हजार रुपए लेते हुए दबोच लिया। तलाशी में रिश्वत की राशि उसकी पेंट की जेब से बरामद हुई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सत्यापन के दौरान 15 अप्रैल को ही 20 हजार रुपए की रिश्वत ले ली थी। शेष 15 हजार रुपए लेते समय एसीबी ने कार्रवाई कर उन्हें पकड़ लिया।
एसीबी ने मौके पर ही विजय खैरीवाल, कुलदीप आलडिया और बलवीर बिग्गा को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। अब आरोपियों के आवास व अन्य ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की जा रही है।



















