नीलम पत्थर के लालच में गांव के युवकों ने तोड़ी प्राचीन लक्ष्मीनारायण जी की मूर्ति

0
42

जयपुर। आमेर थाना क्षेत्र के साईवाड़ गांव स्थित प्राचीन ठाकुर लक्ष्मीनारायण जी मंदिर से अष्टधातु की बहुमूल्य मूर्ति चोरी होने के मामले का पुलिस ने गांव के ही एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया है। आरोपियों ने मूर्ति के भीतर कीमती नीलम पत्थर या अन्य बहुमूल्य रत्न होने के लालच में उसे चोरी कर खंडित कर दिया और उसके टुकड़ों को ज्वार के खेत में दबा दिया था। पुलिस ने खेत की खुदाई कर मूर्ति के अवशेष बरामद कर लिए हैं।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करण शर्मा ने बताया कि 5 जून को हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आमेर थानाधिकारी डॉ. गौतम डोटासरा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच का सहारा लिया।

साईवाड़ मंदिर की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके अलावा लगभग 1000 मोबाइल नंबरों के बीटीएस और सीडीआर का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि वारदात में किसी स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता हो सकती है।

पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी गणेश शर्मा पिछले पांच-छह माह से इंटरनेट और गूगल पर प्राचीन मूर्तियों की कीमत तथा उनकी खरीद-फरोख्त से जुड़ी जानकारियां तलाश रहा था। उसे विश्वास था कि मंदिर की प्राचीन मूर्ति के भीतर कोई कीमती नीलम पत्थर या अन्य बहुमूल्य वस्तु छिपी हो सकती है।

पुलिस के अनुसार 5 जून 2026 की रात गांव में बिजली गुल होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने मंदिर से भगवान लक्ष्मीनारायण की करीब दो फीट ऊंची अष्टधातु की मूर्ति चुरा ली। इस मूर्ति में भगवान लक्ष्मीनारायण शेषनाग पर विराजमान स्वरूप में स्थापित थे।
चोरी के बाद आरोपी मूर्ति को गांव के बाहर स्थित अपने ज्वार के खेत में ले गए। वहां उन्होंने कथित तौर पर नीलम पत्थर निकालने के उद्देश्य से मूर्ति को तोड़कर छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया और बाद में सबूत मिटाने के लिए खेत में गाड़ दिया।

जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी गणेश शर्मा ने खुद को संदेह से दूर रखने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। वह चोरी के बाद ग्रामीणों द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन में भी लगातार शामिल रहा। पुलिस के अनुसार वह जांच की दिशा और पुलिस गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से आंदोलन में सक्रिय बना रहा।

मामले में साईवाड़ गांव स्थित प्राचीन मंदिर के पुजारी रामजीलाल शर्मा (64) पुत्र स्वर्गीय नारायण लाल शर्मा ने 5 जून 2026 को आमेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में गणेश शर्मा (18 वर्ष 8 माह) निवासी जमवारामगढ़ को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक विधि से संघर्षरत बालक को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों के संबंध किसी अंतरराज्यीय मूर्ति तस्कर गिरोह से तो नहीं हैं तथा क्या इस वारदात के पीछे अन्य लोग भी शामिल थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here