जयपुर। एसकेआईटी में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के प्रारंभिक चरण का आयोजन किया गया। इसमें 365 से अधिक टीमों के 2 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने 90 से अधिक समस्या विवरणों पर अपने तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीकों के जरिए कार्यशील मॉडल तैयार कर अपनी नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जे.सी. बोस सभागार में हुआ। इस दौरान निर्णायक मंडल के रूप में पहुंचे उद्योग विशेषज्ञों और संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। निर्णायकों ने विभिन्न टीमों के प्रोजेक्ट का बारीकी से मूल्यांकन करने के साथ विद्यार्थियों से संवाद भी किया।
संस्थान के निदेशक जयपाल मील ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा देते हैं। निदेशक अकादमिक्स प्रो. एस.एल. सुराणा, प्रधानाचार्य प्रो. आर.के. पचार और डीन प्रो. आर.के. जैन ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
समन्वयक डॉ. नीलम चौधरी ने बताया कि विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), साइबर सुरक्षा और डेटा साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर कार्यशील मॉडल तैयार किए। प्रोजेक्ट का मूल्यांकन नवाचार, व्यवहार्यता, उपयोगिता और सामाजिक प्रभाव के आधार पर किया गया।
आयोजन के दौरान संस्थान में 18 समानांतर मूल्यांकन राउंड आयोजित किए गए। आयोजन को सफल बनाने में आइडिया लैब एंबेसडर राहुल गर्ग और रुद्राक्ष दुसाद सहित स्टूडेंट टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



















