भागवत कथा परब्रह्म का स्वरूप: धनश्री राम

0
197
Bhagwat Katha Form of Supreme Brahma: Dhanshri Ram
Bhagwat Katha Form of Supreme Brahma: Dhanshri Ram

जयपुर। रजत पथ मानसरोवर स्थित भारत माता पार्क के श्रीराधा गोविंद मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ से कथावाचक धनश्री राम ने भागवत कथा के महात्म्य का श्रवण करवाते हुए कहा कि भागवत कथा परब्रह्म का स्वरूप है। इसका प्रत्येक शब्द भगवान कृष्ण का विग्रह है। भागवत कल्पवृक्ष है जो साधक के जन्म जन्मान्तरों के पापों को नष्ट करने वाली है।

भागवत का रसपान करने से पितरों को सद्गति प्राप्त होती है। धनश्रीराम ने कहा कि कथा का रसपान करने से भक्ति प्रकट होती है और जहां भक्ति होती है, वहां उसके दो बेटे ज्ञान और वैराग्य स्वत: ही आ जाते हैं। जहां भक्ति, ज्ञान और वैराग्य होते हैं, वहां साक्षात रूप से भगवान श्री कृष्ण रहते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सर्मा ने बताया कि कथा आठ से 25 जून तक प्रतिदिन अपराह्न तीन से शाम छह बजे तक की जाएगी ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here