रिश्वत मांगने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ चालान पेश

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जयपुर/बारां। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राजस्थान की एसीबी टीम कोटा देहात ने रिश्वत मांगने के प्रकरण में आरोपी ग्राम विकास अधिकारी महावीर सहरिया के खिलाफ चालान पेश किया है। आरोपी को 26 फरवरी को गिरफ्तार कर 27 फरवरी को विशिष्ट एवं सत्र न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), बारां में चालान पेश किया गया।

प्रकरण के अनुसार आरोपी महावीर सहरिया तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत करवरी कलां, पंचायत समिति किशनगंज, जिला बारां के पद पर कार्यरत था। 13 जून 2022 को परिवादी ने एसीबी बारां के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत को लिखित शिकायत दी थी कि उसके कब्जे की बाड़ा भूमि के पट्टे की रजिस्ट्री के लिए ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर आवश्यक थे। हस्ताक्षर करने के एवज में आरोपी ने 1000 रुपए की रिश्वत मांगी।

परिवादी ने शिकायत में यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत शौचालय मद की 12 हजार रुपए की राशि पास कराने के लिए भी आरोपी 2000 रुपए की मांग कर रहा था।

एसीबी ने 14 जून 2022 को गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा 1000 रुपए की मांग कर 300 रुपए प्राप्त करने तथा शेष 700 रुपए बाद में लेने की सहमति देने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रेप कार्रवाई की तैयारी की गई, लेकिन आरोपी को संदेह होने से ट्रेप संभव नहीं हो सका।

मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 (संशोधित 2018) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की गई। अनुसंधान में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर अभियोजन स्वीकृति जिला परिषद बारां के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से प्राप्त की गई।

उप महानिरीक्षक पुलिस (द्वितीय) आनन्द शर्मा के सुपरविजन में वर्तमान अनुसंधान अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत ने 26 फरवरी 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को 7 मार्च 2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए, जिस पर उसे जिला कारागार बारां भेजा गया।

एसीबी कोटा देहात द्वारा 27 फरवरी 2026 को माननीय विशिष्ट न्यायाधीश एवं सत्र न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), बारां में सहायक निदेशक अभियोजन के माध्यम से चालान पेश किया गया।

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