कहीं प्रदोष काल, कहीं भद्रा पुच्छ में हुआ होलिका दहन

0
50

जयपुर। छोटीकाशी में होलिका दहन और धूलंडी धूमधाम से मनाई गई। कहीं परंपराओं का पालन किया गया तो कहीं शास्त्रीय मत का पालन किया गया। तिथि विचार के कारण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में होलिका दहन अलग-अलग समय पर हुआ। ज्यादातर स्थानों पर होलिका दहन मध्य रात्रि में ही किया गया।

गोविंद देवजी और सिटी पैलेस में भद्रा पुच्छ मध्य रात्रि डेढ़ बजे होलिका दहन किया गया। इससे पूर्व महिलाओं ने प्रहलाद भक्त पूजन किया। मंगलवार को पूरे शहर ने एक साथ समभाव और सौहार्द्र के रंगों के साथ धुलंडी मनाई। जमकर रंग लगाए और मस्ती की। बच्चों और युवाओं पर धूलंडी का जादू सिर चढक़र बोला।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार रात्रि में भद्रा काल रहने के कारण भद्रा पुच्छ में निर्धारित मुहूर्त पर कई स्थानों पर देर रात डेढ़ बजे के बाद होलिका दहन किया गया। वहीं कुछ स्थानों पर परंपरा के अनुरूप शाम को ही प्रदोष काल में होलिका जलाई गई। तिथि और मान में अंतर के बावजूद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक इस पर्व को श्रद्धा भाव से मनाया।

मंगलवार को सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर के मोहल्लों, कॉलोनियों और प्रमुख चौराहों पर रंग, अबीर और गुलाल उडऩे लगे। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह रहा, वहीं महिलाओं ने भी पारंपरिक गीतों के साथ होली का आनंद लिया। बाजारों में सन्नाटा रहा। केवल मिठाई की दुकानों पर गुझिया और नमकीन की बिक्री हुई, जबकि रंग-पिचकारी की दुकाने खुली रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here