जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की अजमेर इंटेलिजेंस इकाई ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए अंटाली (भीलवाड़ा) के तहसीलदार गणेश कच्छावा और उनके बिचौलिए ई-मित्र संचालक हेमराज खटीक को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत परिवादी की फर्म द्वारा लीज पर ली गई जमीन की डीड रजिस्ट्रेशन के एवज में मांगी गई थी।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी फर्म की ग्राम जवानपुरा (तहसील अंटाली) में लीज पर ली गई जमीन का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ई-मित्र संचालक हेमराज खटीक से मिला था। हेमराज ने तहसीलदार से काम करवाने के बदले एक एसी और प्रति बीघा 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की। सत्यापन के दौरान सामने आया कि तहसीलदार गणेश कच्छावा ने ई-मित्र संचालक के मार्फत यह सौदा तय किया था।
एसीबी पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह राणावत के सुपरविजन में निरीक्षक कंचन भाटी ने जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी ने ई-मित्र संचालक हेमराज खटीक को रिश्वत के 60 हजार रुपये दिए। एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। रिश्वत की राशि आरोपी की टेबल की दराज से बरामद की गई। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके ठिकानों पर तलाशी जारी है।




















